बीच समंदर में बदला रास्ता! चीन जाने के बजाय भारत आ रहे हैं 7 रूसी तेल जहाज, क्या अमेरिका ने दी मंजूरी?

यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच वैश्विक तेल बाजार में एक बड़ी हलचल देखी जा रही है। शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि ‘एक्वा टाइटन’ सहित कम से कम सात रूसी तेल जहाज, जो पहले चीन के रिजालो बंदरगाह जा रहे थे, उन्होंने अचानक अपना रास्ता बदलकर भारत की ओर रुख कर लिया है। ये जहाज अब कर्नाटक के न्यू मंगलौर और गुजरात के सिक्का बंदरगाह पहुंचने वाले हैं।
जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम के पीछे अमेरिका का ‘मौन समर्थन’ हो सकता है। ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद किए जाने के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति ठप पड़ गई है। ऐसे में वैश्विक तेल कीमतों को स्थिर रखने के लिए ट्रंप प्रशासन ने भारत को रूस से अधिक तेल खरीदने की अनुमति दी है। पिछले एक हफ्ते में भारतीय रिफाइनरियों ने लगभग 3 करोड़ बैरल रूसी तेल की खरीद प्रक्रिया तेज कर दी है। इस बीच, भारतीय गैस टैंकरों ‘नंदादेवी’ और ‘शिवालिक’ का सुरक्षित भारत पहुंचना दिल्ली के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।