LPG संकट: ‘अभी भी चिंताजनक है स्थिति’—रसोई गैस की किल्लत पर केंद्र सरकार का बड़ा बयान!

मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर अब भारत के चूल्हों तक पहुंच गया है। देश में एलपीजी (LPG) की भारी किल्लत के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने माना कि एलपीजी की स्थिति फिलहाल “चिंताजनक” बनी हुई है, लेकिन सरकार इसे सुधारने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है।
ऑनलाइन बुकिंग और डिलीवरी का गणित सुजाता शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था में सुधार हुआ है, लेकिन गैस वितरकों के पास अभी भी भीड़ देखी जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे ऑनलाइन बुकिंग के बाद थोड़ा धैर्य रखें, गैस उनके घर तक जरूर पहुंचेगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
राज्यों के लिए 10% अतिरिक्त कोटा और एक शर्त व्यावसायिक गैस (Commercial LPG) की कमी को देखते हुए केंद्र ने राज्यों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा देने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, इसके साथ एक शर्त यह है कि राज्यों को उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी (PNG) में शिफ्ट करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। इससे सिलेंडरों पर दबाव कम होगा और घरेलू उपभोक्ताओं को आसानी से गैस मिल सकेगी।
राहत की खबर: पेट्रोल-डीजल और ‘नंदादेवी’ सरकार ने स्पष्ट किया है कि कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य है, इसलिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल बढ़ोतरी नहीं होगी। वहीं, गैस संकट को कम करने के लिए ‘नंदादेवी’ नामक जहाज 47 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारतीय तट पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह खेप देश की एक दिन की पूरी मांग को पूरा कर सकती है। सरकार का कहना है कि पैनिक बुकिंग न करें, स्टॉक पर्याप्त है।