19 साल बाद हुआ मिलन! हिंद महासागर में समाई आग की नदी, फ्रांस के रियूनियन आइलैंड से आई खौफनाक तस्वीर

प्रकृति का एक ऐसा रूप सामने आया है जिसे देखकर वैज्ञानिक और आम लोग, दोनों ही दंग हैं। पूरे 19 साल के लंबे इंतजार के बाद, फ्रांस के रियूनियन आइलैंड (Réunion Island) पर स्थित दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक, ‘पिटन डी ला फूर्नेस’ (Piton de la Fournaise) से निकला लावा बहते हुए हिंद महासागर में जा मिला। नीले समंदर के पानी और दहकते लाल लावे का यह मिलन देखने लायक है, जो आखिरी बार साल 2007 में देखा गया था।
जनजीवन और सुरक्षा पर असर 13 फरवरी से शुरू हुआ यह ज्वालामुखी विस्फोट अब भी जारी है। लावे की इस नदी ने अपने रास्ते में आने वाले जंगलों और जमीन को पार करते हुए मुख्य तटीय सड़क ‘RN1’ को पूरी तरह बंद कर दिया है। इससे द्वीप के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने जहरीली गैसों और हाइड्रोक्लोरिक एसिड के खतरे को देखते हुए नागरिकों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया था, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ है।
भूगोल बदलने की संभावना विशेषज्ञों का कहना है कि जब गर्म लावा ठंडे समुद्री पानी से मिलता है, तो यह जमकर नई जमीन का निर्माण करता है। 2007 में भी इस प्रक्रिया ने द्वीप की तटरेखा (Coastline) को बदल दिया था। फिलहाल, इस अद्भुत नजारे के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं और लोग प्रकृति के इस विनाशकारी सौंदर्य को देखकर अचंभित हैं।