रानीगंज में खिलेगा कमल? चुनाव प्रचार के पहले ही दिन बीजेपी उम्मीदवार पार्थ घोष का बड़ा दावा!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए रानीगंज सीट पर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। बीजेपी ने इस बार कोलकाता हाईकोर्ट के वकील और स्थानीय निवासी पार्थ घोष पर दांव खेला है। शुक्रवार सुबह अपने पैतृक गांव दुबचुरुड़िया के बूढ़े शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद पार्थ घोष ने अपने चुनाव प्रचार का शंखनाद किया। उन्होंने बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा कि रानीगंज के इतिहास में इस बार पहली बार बीजेपी की जीत सुनिश्चित है।
पार्थ घोष भले ही सक्रिय राजनीति में नए हों, लेकिन रानीगंज की समस्याओं पर उनकी पकड़ मजबूत है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “रानीगंज में समस्याओं की इतनी लंबी फेहरिस्त है कि बताते-बताते सुबह हो जाए।” उन्होंने स्थानीय स्तर पर बढ़ते प्रदूषण, लोहा और कोयला चोरी, और युवाओं के लिए रोजगार की कमी जैसे मुद्दों को अपनी प्राथमिकता बताया है। उनका सीधा हमला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के भ्रष्टाचार पर है।
गौरतलब है कि 2021 के चुनाव में यहां कांटे की टक्कर हुई थी, जहां बीजेपी को 41% वोट मिले थे और वह मामूली अंतर से हार गई थी। इस बार टीएमसी ने अपने पुराने सिपाही तापस बनर्जी की जगह ब्लॉक अध्यक्ष कालोबरन मंडल को मैदान में उतारा है। कालोबरन मंडल को मंत्री मलय घटक का बेहद करीबी माना जाता है और वे एक कुशल संगठनकर्ता हैं। ऐसे में एक तरफ टीएमसी की सांगठनिक शक्ति है और दूसरी तरफ बीजेपी का ‘धरतीपुत्र’ कार्ड। रानीगंज की जनता इस बार किस पर भरोसा जताती है, यह देखना दिलचस्प होगा।