जो कोई न कर सका, वो भारत ने कर दिखाया! युद्ध के बीच हॉर्मुज से गैस लाने निकले ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’

ईरान-इजरायल युद्ध के कारण दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में सन्नाटा पसरा हुआ है। पिछले 24 घंटों में किसी भी देश के टैंकर ने इस रास्ते से गुजरने की हिम्मत नहीं की, लेकिन भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी कैरियर— ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’—ने इस चुनौती को स्वीकार किया है। ये दोनों जहाज शारजाह के पास फारस की खाड़ी में तैनात हैं और भारत की ओर बढ़ने के लिए तैयार हैं।

संकट के बीच भारत का मास्टरस्ट्रोक शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ‘जग वसंत’ को बीपीसीएल (BPCL) और ‘पाइन गैस’ को इंडियन ऑयल (IOC) ने चार्टर किया है। हॉर्मुज का रास्ता दुनिया की 20% तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन युद्ध के कारण यहाँ सुरक्षा जोखिम चरम पर है। ऐसे समय में भारत का यह कदम न केवल बहादुरी का परिचायक है, बल्कि देश में रसोई गैस की कमी को रोकने के लिए बेहद जरूरी भी है।

कूटनीति की जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक नेतृत्व और कूटनीतिक दबाव के कारण भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल रहा है। हाल ही में ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नामक दो जहाज 92,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर सुरक्षित गुजरात पहुँच चुके हैं। अब ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ की संभावित सुरक्षित वापसी से भारत में एलपीजी संकट काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

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