वोटिंग के लिए अब नहीं लगना होगा लंबी लाइनों में! चुनाव आयोग ने वोटरों के लिए किया सुविधाओं का ऐलान

पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुदुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले चुनाव आयोग (ECI) ने मतदाताओं के लिए राहत भरी खबर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को जारी नए दिशा-निर्देशों में आयोग ने २,१८,८०७ मतदान केंद्रों पर ‘एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटी’ (AMF) सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। इस बार आयोग का पूरा जोर इस बात पर है कि मतदाता को वोट देते समय किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी? आयोग ने स्पष्ट किया है कि हर बूथ पर पीने का साफ पानी, शेड (छाया), बिजली और पानी की सुविधा वाले शौचालय होने चाहिए। दिव्यांग (PwD) मतदाताओं के लिए रैंप और स्पष्ट साइनबोर्ड अनिवार्य कर दिए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि अब वोटरों को घंटों खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी; आयोग ने लाइनों के बीच निश्चित दूरी पर बेंच और बैठने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
मोबाइल फोन और वोटर असिस्टेंस डेस्क: अक्सर मतदाताओं को इस बात की चिंता रहती थी कि वे अपना मोबाइल फोन कहां रखें। अब पोलिंग बूथ के बाहर मोबाइल जमा करने की विशेष व्यवस्था होगी, जहां फोन स्विच ऑफ करके सुरक्षित रखा जा सकेगा। साथ ही, हर केंद्र पर एक ‘वोटर असिस्टेंस बूथ’ (VAB) बनाया जाएगा, जहां बीएलओ (BLO) मौजूद रहेंगे। यदि आपको अपना वोटर लिस्ट नंबर या बूथ नंबर नहीं मिल रहा है, तो ये अधिकारी आपकी तुरंत मदद करेंगे।
जागरूकता के लिए पोस्टर: मतदान केंद्रों पर चार तरह के विशेष ‘वोटर फैसिलिटेशन पोस्टर’ (VFP) लगाए जाएंगे। इनमें उम्मीदवारों की सूची, पहचान पत्र के लिए जरूरी दस्तावेज और वोट डालने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी होगी। चुनाव आयोग ने सख्त लहजे में कहा है कि इन नियमों का पालन अनिवार्य है और फील्ड अधिकारियों को समय से पहले सारी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है।