‘यह कोई ऑफिस की नौकरी नहीं है!’ बंगाल में प्रवासी बीजेपी नेताओं पर भड़के नितिन नबीन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों का जायजा लेने कोलकाता पहुंचे बीजेपी के अखिल भारतीय नेता नितिन नबीन ने राज्य के जिला प्रभारियों, विशेषकर ‘प्रवासी’ (बाहरी राज्यों से आए) नेताओं को जमकर फटकार लगाई। चुनाव प्रचार, जनसंपर्क और बूथ प्रबंधन को लेकर हुई इस विशेष बैठक में नितिन नबीन का कड़ा रुख देखने को मिला। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व इन बाहरी नेताओं के काम करने के तरीके से काफी नाराज है।
नितिन नबीन ने स्पष्ट लहजे में कहा, “यह कोई आधिकारिक ड्यूटी नहीं है कि आप घड़ी देखकर काम करेंगे और चले जाएंगे। बंगाल आना और केवल घूमना-फिरना बंद करें। जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हों। अगर काम करना पसंद नहीं है, तो साफ कह दें, हमारे पास दूसरे लोग भी हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव के समय केवल औपचारिकता निभाने वालों की पार्टी में जरूरत नहीं है।
बंगाल में टिकट बंटवारे के बाद से ही कई जिलों में ‘बाहरी बनाम भूमिपुत्र’ का विवाद चल रहा है। पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी और दलबदलुओं को तरजीह दिए जाने से बीजेपी के भीतर असंतोष की लहर है। ऐसे में नितिन नबीन का यह कड़ा संदेश राज्य इकाई को एकजुट करने की एक कोशिश माना जा रहा है। बैठक में महिला मोर्चा को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से जुड़ने और उनकी समस्याओं को सुनने का विशेष निर्देश भी दिया गया है।