चुनाव ड्यूटी में संविदा कर्मियों की नो-एंट्री! बंगाल के चुनाव अधिकारियों को मिला सख्त आदेश

पश्चिम बंगाल में एसआईआर (SIR) की पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट सोमवार आधी रात को जारी होने के बावजूद अभी तक सभी बूथों पर नहीं पहुंच पाई है। बुधवार को चुनाव आयोग ने इसका कारण बताते हुए कहा कि सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल लिस्ट को बूथों पर नहीं टांगा गया है।
आयोग के अनुसार, राज्य में कुल 80 हजार से अधिक बूथ हैं, लेकिन पहले चरण में केवल 40 हजार बूथों की सप्लीमेंट्री लिस्ट तैयार हो पाई है। सूत्रों का दावा है कि इस सूची में लगभग 40 प्रतिशत नाम काट दिए गए हैं। जिलाधिकारियों का मानना है कि अगर अधूरी लिस्ट बूथों पर सार्वजनिक की गई, तो इससे मतदाताओं के बीच भ्रम और आक्रोश फैल सकता है, जिससे चुनावी माहौल बिगड़ सकता है। हालांकि, जिलाधिकारियों को 40 हजार बूथों का डेटा डिजिटल रूप में भेज दिया गया है।
इसी बीच, मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने चुनावी ड्यूटी को लेकर एक बड़ा फरमान जारी किया है। आदेश के मुताबिक, चुनाव के किसी भी कार्य में संविदा (Contractual) या अस्थायी कर्मियों की नियुक्ति नहीं की जाएगी। केवल केंद्र और राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों को ही चुनावी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारियों को 30 मार्च तक ऐसे योग्य कर्मचारियों की सूची तैयार करने का सख्त निर्देश दिया गया है।