‘चुनाव आयोग बीजेपी का गुलाम!’ पुलिस ऑब्जर्वर की नियुक्ति पर सायोनी घोष का तीखा हमला!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस की सांसद सायोनी घोष ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए सीधा हमला बोला है। सायोनी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब स्वतंत्र संस्था न रहकर ‘बीजेपी के इशारों पर नाचने वाली कठपुतली’ बन गया है।
विवाद की मुख्य वजह आईपीएस अधिकारी जयंत कांत की पश्चिम बंगाल में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्ति है। सायोनी घोष ने सवाल उठाया कि जिस अधिकारी की पत्नी सीधे तौर पर एक राजनीतिक दल से जुड़ी हों, वह निष्पक्ष चुनाव कैसे करा सकता है? उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग के अपने नियमों के मुताबिक ऑब्जर्वर का राजनीतिक रूप से तटस्थ होना अनिवार्य है, लेकिन बंगाल के मामले में इन नियमों को ताक पर रख दिया गया है।”
सायोनी ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब ईडी, सीबीआई और आईटी जैसी एजेंसियां बंगाल में ममता सरकार को झुकाने में विफल रहीं, तो अब चुनाव आयोग को आगे किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह की सलाह पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनिंदा अधिकारियों को बंगाल भेज रहे हैं। सायोनी ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि बीजेपी के पास चाहे कितनी भी दौलत और ताकत क्यों न हो, बंगाल की जनता ही असली फैसला सुनाएगी और बीजेपी के लिए बंगाल जीतना सिर्फ एक सपना ही रहेगा।