‘हमारे पास कोई वॉशिंग मशीन नहीं!’ अराबुल को लेकर मोहम्मद सलीम का बड़ा हमला, क्या टूटेगा वाम-ISF गठबंधन?

पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा और आईएसएफ (ISF) के बीच गठबंधन की गांठें अब अराबुल इस्लाम के नाम पर उलझ गई हैं। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व बाहुबली नेता अराबुल इस्लाम को कैनिंग पूर्व सीट से आईएसएफ का उम्मीदवार बनाए जाने पर माकपा (CPIM) नेतृत्व ने सख्त नाराजगी जताई है। माकपा राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के खिलाफ लड़ने वाले वामपंथी किसी ‘लुटेरे’ का साथ नहीं देंगे।

‘हम रीसायकल बिन नहीं हैं’ सलीम ने भाजपा और तृणमूल की ‘वॉशिंग मशीन’ राजनीति पर तंज कसते हुए कहा, “हमारे पास ऐसी कोई मशीन नहीं है जहाँ चोर घुसकर साधु बनकर निकले। एक डस्टबिन से निकलकर दूसरे डस्टबिन में जाने से कचरा साफ नहीं हो जाता।” उन्होंने याद दिलाया कि अराबुल वही चेहरा हैं जिन्होंने सालों तक वामपंथियों और यहाँ तक कि आईएसएफ कार्यकर्ताओं पर भी हमले किए हैं।

खतरे में गठबंधन आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी ने अराबुल के हृदय परिवर्तन की बात कही थी, लेकिन सलीम ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति सिद्धांतों पर चलती है और माकपा इस मुद्दे पर समझौता नहीं करेगी। इस तल्खी के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या २०२८ के चुनावों से पहले यह गठबंधन पूरी तरह टूट जाएगा।

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