चंदन तस्कर या चुनावी मोहरा? अलीपुरद्वार में बीजेपी के पूर्व विधायक विल्सन चंप्रामारी की टीएमसी में वापसी

उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कालचीनी के दो बार के पूर्व विधायक विल्सन चंप्रामारी ने बीजेपी का साथ छोड़कर अपनी पुरानी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थाम लिया है। साल २०१९ में मुकुल रॉय की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए विल्सन का ६ साल बाद घर लौटना इस क्षेत्र के चुनावी गणित को बदल सकता है।

टिकट की राजनीति और पाला बदल विल्सन की नाराजगी की मुख्य वजह बीजेपी द्वारा वर्तमान विधायक विशाल लामा को फिर से उम्मीदवार बनाना माना जा रहा है। टिकट न मिलने से निराश विल्सन ने टीएमसी में वापसी कर ली। दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी ने कभी विल्सन के खिलाफ ‘चंदन की लकड़ी की तस्करी’ का आरोप लगाकर बड़ा आंदोलन किया था, लेकिन अब वही विल्सन टीएमसी के खेमे में जाकर बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।

बीजेपी के ५-० के मिशन को खतरा? पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अलीपुरद्वार की सभी ५ सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, मदारीहाट उपचुनाव में हार के बाद अब कालचीनी में विल्सन का पाला बदलना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है। टीएमसी को उम्मीद है कि विल्सन के आने से उनके उम्मीदवार वीरेंद्र बोरा उरांव की राह आसान हो जाएगी।

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