चुनाव से पहले ‘कैश’ पर सख्ती! पश्चिम बंगाल के कई जिलों की भूमिका से चुनाव आयोग नाखुश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर चुनाव आयोग ने सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। शुक्रवार सुबह पर्यवेक्षकों (Observers) के साथ हुई एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में चुनाव आयोग ने राज्य के कुछ जिलों में नकदी (Cash) बरामदगी की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताई है। आयोग ने साफ कहा कि कुछ जिलों की भूमिका इस मामले में संतोषजनक नहीं है और वहां छापेमारी तेज करने की जरूरत है।

पर्यवेक्षकों को कड़ी चेतावनी बैठक में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और विशेष पर्यवेक्षक भी शामिल थे। आयोग ने निर्देश दिया है कि पर्यवेक्षकों को अब हर दिन अपनी रिपोर्ट और सुझाव पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने होंगे। आयोग का मानना है कि चुनाव में काले धन के प्रभाव को रोकने के लिए सभी जिलों को समान रूप से सक्रिय होना पड़ेगा। ढिलाई बरतने वाले जिलों के पर्यवेक्षकों को चेतावनी दी गई है कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं।

दागी अपराधियों पर नजर नकदी के अलावा, आयोग ने पुराने अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा करने का भी आदेश दिया है। पर्यवेक्षकों से कहा गया है कि वे सुनिश्चित करें कि दागियों के खिलाफ दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन हो। आयोग का लक्ष्य है कि चुनाव के दौरान धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल को पूरी तरह से रोका जा सके। जिन जिलों में अब तक बड़ी बरामदगी नहीं हुई है, वहां विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

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