“बेटे बेरोजगार हैं, दाने-दाने को मोहताज!” बीजेपी उम्मीदवार को देख फूट-फूट कर रोईं टीएमसी नेता की मां

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान बीरभूम के सिउड़ी में तृणमूल कांग्रेस को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। शुक्रवार को जब भाजपा उम्मीदवार जगन्नाथ चटर्जी सिउड़ी नगर पालिका के वार्ड नंबर 18 में प्रचार करने पहुंचे, तो टीएमसी के स्थानीय बूथ अध्यक्ष रवि साहा की मां, शांतारानी साहा, उन्हें देखकर रो पड़ीं और ममता सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया।
बेरोजगारी और गरीबी का दर्द शांतारानी साहा ने भाजपा उम्मीदवार के सामने अपना दुखड़ा रोते हुए कहा, “मेरे बेटे बेरोजगार हैं। मेहनत-मजदूरी करने पर ही घर में चूल्हा जलता है। बेटी को बड़ी मुश्किल से बीए पढ़ाया, लेकिन उसे कोई नौकरी नहीं मिली।” उन्होंने ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार के हजार रुपयों से कुछ नहीं होता, क्योंकि दवाइयों का खर्च ही दो हजार से ज्यादा है।
बेटे ने मां को बताया ‘विक्षिप्त’ इस घटना से टीएमसी खेमे में खलबली मच गई है। अपनी मां के आरोपों पर सफाई देते हुए टीएमसी बूथ अध्यक्ष रवि साहा ने कहा, “मेरी मां की उम्र हो गई है और उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें बहला-फुसलाकर जगन्नाथ बाबू के पास भेजा था।” स्थानीय टीएमसी नेताओं का दावा है कि परिवार को सभी सरकारी लाभ मिल रहे हैं।
बीजेपी का प्रहार भाजपा प्रत्याशी जगन्नाथ चटर्जी ने इस मौके पर कहा कि राज्य की जनता अब चुप नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, “जब एक टीएमसी नेता की मां ही सुरक्षित और खुश नहीं है, तो आम जनता का क्या हाल होगा? यह ममता सरकार की विफलता का जीता-जागता प्रमाण है।”