दूसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट में भी गायब गुलाम रब्बानी का नाम, क्या रद्द होगा TMC उम्मीदवार का नामांकन?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले उत्तर दिनाजपुर के गोलपोखर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और निवर्तमान विधायक गुलाम रब्बानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को जारी चुनाव आयोग की दूसरी सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में भी उनका नाम नहीं है। इससे पहले पहली लिस्ट में भी उनका नाम गायब था, जिसके बाद अब उनके चुनाव लड़ने और नामांकन दाखिल करने पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एसआईआर (SIR) की एडजुडिकेशन प्रक्रिया के तहत कई नामों की जांच चल रही है। गुलाम रब्बानी का नाम इसी विचाराधीन सूची में अटका हुआ है। हालांकि, आयोग की ‘डिलीटेड लिस्ट’ में उनका नाम नहीं है, जिसका मतलब है कि उनका मामला अभी लंबित है। दिलचस्प बात यह है कि इसी सूची में शामिल टीएमसी की शशी पांजा और काजल शेख के नाम दूसरी लिस्ट में वापस आ गए हैं, लेकिन रब्बानी का इंतजार खत्म नहीं हुआ।
गुलाम रब्बानी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग बीजेपी के एजेंट के रूप में काम कर रहा है। रब्बानी ने कहा, “बीजेपी को पता है कि वह जमीन पर नहीं जीत सकती, इसलिए वह हमारे समर्थकों और उम्मीदवारों के नाम वोटर लिस्ट से हटवा रही है। गोलपोखर के करीब 78 हजार लोगों का भविष्य अधर में है।” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुझाए गए ट्रिब्यूनल के रास्ते को भी गरीबों के लिए कठिन बताया।
30 मार्च से पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है और 6 अप्रैल नामांकन की आखिरी तारीख है। यदि तीसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट में रब्बानी का नाम नहीं आता है, तो उनके लिए नामांकन दाखिल करना तकनीकी रूप से असंभव हो जाएगा। अब सबकी नजरें आयोग की अगली सूची पर टिकी हैं।