चुनाव आयोग की सख्ती के बाद गौतम देब का मास्टरस्ट्रोक! ‘टॉक टू मेयर’ बंद, अब शुरू हुआ ‘गौतम को बोलो’

सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार गौतम देब ने चुनाव आयोग के कड़े रुख के बाद एक नया रास्ता निकाल लिया है। आयोग ने उनके लोकप्रिय कार्यक्रम ‘टॉक टू मेयर’ को बंद करने का आदेश दिया था, जिसके जवाब में उन्होंने अब ‘गौतम को बोलो’ (Gautam Ke Bolo) नाम से एक सोशल मीडिया अभियान शुरू किया है। शनिवार को उन्होंने अपने घर से ही इस कार्यक्रम की शुरुआत की और साफ कर दिया कि चुनाव के नतीजे आने तक वह जनता की समस्याओं को इसी माध्यम से सुनेंगे।

विवाद की जड़: सिलीगुड़ी से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद मेयर सरकारी मंच का उपयोग कर रहे हैं। आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए कार्यक्रम को रोकने का निर्देश दिया और गौतम देब को कारण बताओ नोटिस जारी किया। 146 एपिसोड सफलतापूर्वक पूरे करने के बाद 147वें एपिसोड पर यह रोक लगी थी। गौतम देब ने आयोग को अपना जवाब सौंपते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।

कानूनी लड़ाई की तैयारी: मेयर गौतम देब ने स्पष्ट किया कि यदि उनके इस नए निजी प्रयास में भी अड़ंगा डाला गया, तो वह कानूनी सहायता लेंगे और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। दूसरी ओर, बीजेपी के शंकर घोष ने तंज कसते हुए कहा कि गौतम देब खुद एक समस्या बन चुके हैं और इस तरह के दिखावे से जनता का भला नहीं होगा। सिलीगुड़ी की जनता अब इस ‘मेयर बनाम विपक्ष’ की लड़ाई को बड़े गौर से देख रही है।

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