रिटायरमेंट प्लानिंग पर संकट! मध्य एशिया के युद्ध ने बिगाड़ा बाजार का खेल, क्या डूब जाएगी आपकी जमापूंजी?

शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और वैश्विक अस्थिरता ने उन नौकरीपेशा लोगों की नींद उड़ा दी है, जो जल्द रिटायरमेंट (FIRE – Financial Independence, Retire Early) का सपना देख रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार के खराब रिटर्न ने वित्तीय आजादी हासिल करने की समय सीमा को बढ़ा दिया है।

क्या है FIRE फॉर्मूला और वर्तमान चुनौती? FIRE एक ऐसी वित्तीय रणनीति है जिसमें लोग अपनी आय का बड़ा हिस्सा निवेश करते हैं ताकि वे 40-45 साल की उम्र तक काम से मुक्त हो सकें। लेकिन मौजूदा समय में हाई-रिस्क एसेट्स से मिलने वाला रिटर्न नगण्य हो गया है। बढ़ती महंगाई और बदलता टैक्स स्ट्रक्चर निवेश के लिए उपलब्ध बजट को कम कर रहा है, जिससे रिटायरमेंट फंड जुटाना मुश्किल हो गया है।

एक्सपर्ट्स की राय: अब स्थिरता पर दें ध्यान ‘Olyv’ के सीईओ रोहित गर्ग के अनुसार, अब समय केवल ज्यादा मुनाफे के पीछे भागने का नहीं, बल्कि वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने का है। लोग अब लंबी अवधि के निवेश में पैसा फंसाने के बजाय लिक्विडिटी (नकद उपलब्धता) और आय के विभिन्न स्रोतों पर ध्यान दे रहे हैं। ‘SalarySe’ के पीयूष बागरिया का मानना है कि ‘यूपीआई-आधारित ऋण’ जैसे विकल्प अब लोकप्रिय हो रहे हैं, ताकि लोग अपने पुराने निवेश को बेचे बिना अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा कर सकें। सुरक्षित भविष्य के लिए अब रणनीतियों में बदलाव अनिवार्य है।

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