‘नोटबंदी के बाद अब वोटबंदी!’ बंगाल की मुख्यमंत्री का बीजेपी पर करारा हमला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पारा अपने चरम पर है। रविवार को बांकुड़ा के रायपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी देश को ‘नोटबंदी’ के बाद अब ‘वोटबंदी’ की ओर धकेल रही है। ममता ने चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति रही, तो आने वाले समय में लोगों को ‘घरबंदी’ और ‘जेलबंदी’ का सामना करना पड़ेगा, जबकि सत्ताधारी दल देश को लूटने में व्यस्त रहेगा।
मुख्यमंत्री ने ‘SIR’ (विशेष जांच रिपोर्ट) के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि इस प्रक्रिया के नाम पर १ करोड़ २० लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं, जो सीधे तौर पर नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। उन्होंने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा, “आप सामने से नहीं लड़ पा रहे हैं, इसलिए बादलों के पीछे छिपकर खेल रहे हैं। याद रखिएगा, जब बिजली चमकेगी तो आपका ही सर्वनाश होगा।” ममता ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
राजनीति के अलावा ममता ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और खान-पान पर लगाए जा रहे ‘फतवों’ पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि “हम मछली खाएंगे या मांस, यह तय करने का अधिकार आपको किसने दिया? यह गरीब लोगों के पोषण का अधिकार है।” मुख्यमंत्री ने जंगलमहल के लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि विभाजन की इस राजनीति का जवाब जनता ईवीएम के जरिए देगी। रायपुर की इस सभा ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी चुनावों में नागरिकता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सबसे बड़े मुद्दे होने वाले हैं।