पहाड़ों में त्रिकोणीय मुकाबला! अनित थापा और बिमल गुरुंग को अजय एडवर्ड की चुनौती, किसका होगा दार्जिलिंग?

दार्जिलिंग की पहाड़ियों में चुनावी जंग अब और भी दिलचस्प हो गई है। आगामी चुनावों के लिए अब त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर साफ हो चुकी है। एक तरफ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की सहयोगी अनित थापा की पार्टी बीजीपीएम (BJPM) है, तो दूसरी तरफ बीजेपी और बिमल गुरुंग की गोरखा जनमुक्ति मोर्चा का गठबंधन। इस बीच, अजय एडवर्ड की ‘इंडियन गोरखा जनशक्ति फ्रंट’ (IGJF) ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं। आईजीजेएफ ने दार्जिलिंग सहित पहाड़ों की तीन और मैदानी इलाकों की चार सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजय एडवर्ड के मैदान में उतरने से बीजेपी गठबंधन के वोट बैंक में सेंध लग सकती है, जिसका सीधा फायदा अनित थापा को मिल सकता है। हालांकि, अजय एडवर्ड ने साफ किया है कि वे किसी का वोट काटने के लिए नहीं, बल्कि गोरखा समुदाय की आवाज बुलंद करने और अलग राज्य की मांग के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। दार्जिलिंग सीट से खुद अजय एडवर्ड उम्मीदवार हैं, जबकि कर्सियांग से वकील वंदना राय और कालिम्पोंग से पूर्व नौकरशाह वर्नोन ब्रिटो लेपचा को मैदान में उतारा गया है।
दूसरी ओर, बीजेपी ने अपने पुराने साथी सुभाष घिसिंग की जीएनएलएफ (GNLF) का साथ छोड़कर बिमल गुरुंग के साथ हाथ मिलाया है। बीजेपी ने कर्सियांग से सोनम लामा और कालिम्पोंग से पूर्व हॉकी कप्तान भरत छेत्री को टिकट दिया है। दार्जिलिंग सीट बिमल गुरुंग की पार्टी के लिए छोड़ी गई है, लेकिन उनके उम्मीदवार नोमान राय को बीजेपी के चुनाव चिह्न पर ही लड़ना होगा। अनित थापा की बीजीपीएम इस पूरे समीकरण से काफी उत्साहित है और उन्हें विश्वास है कि वोटों के बिखराव के कारण इस बार तीनों पहाड़ी सीटों पर उनकी जीत पक्की है।