किसानों की बदहाली: बाजार में आलू ₹14, पर खेत में बिक रहा सिर्फ ₹2 किलो! संकट दूर करने के लिए बंगाल सरकार ने उठाए ये कदम

पश्चिम बंगाल में आलू की कीमतों में गिरावट ने आम उपभोक्ताओं को तो राहत दी है, लेकिन राज्य के आलू किसान गहरे वित्तीय संकट में हैं। पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोणा और घाटल जैसे इलाकों में किसान अपनी फसल मात्र ₹2 से ₹3 प्रति किलो के भाव पर बेचने को मजबूर हैं, जबकि खुदरा बाजारों में यही आलू ₹12 से ₹14 में बिक रहा है। लागत और बिक्री के बीच भारी अंतर के कारण किसानों को प्रति बीघा लगभग ₹16,000 से ₹17,000 का नुकसान हो रहा है।

हालात पर काबू पाने के लिए राज्य सरकार की टास्क फोर्स सक्रिय हो गई है। टास्क फोर्स के सदस्य कमल दे के अनुसार, तारकेश्वर से असम और त्रिपुरा के लिए ट्रेनों के जरिए आलू भेजने की पहल शुरू की गई है। इससे किसानों को खेत में ₹5 से ₹7 तक का भाव मिलने की उम्मीद है। हालांकि, राज्य सरकार सीधे ₹7-₹8 की दर से आलू खरीदना चाहती है, लेकिन समस्या यह है कि राज्य के कोल्ड स्टोरेज पहले से ही पूरी तरह भरे हुए हैं। बारिश की आशंका के बीच फसल खराब होने के डर से किसान परेशान हैं।

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