गैस की किल्लत और कालाबाजारी का खेल! दिल्ली में 22 FIR, हजारों सिलेंडर जब्त

मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध के कारण भारत में रसोई गैस की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। इस संकट का फायदा उठाकर कुछ लोग गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी में जुट गए हैं। दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मार्च महीने में अब तक 22 एफआईआर दर्ज की हैं। राजधानी के विभिन्न इलाकों से करीब 1,710 रसोई गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

देशव्यापी छापेमारी और जब्ती कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने देशभर में 12,000 से अधिक जगहों पर छापेमारी की है। दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गोवा और जम्मू-कश्मीर में कुल 15,000 से ज्यादा सिलेंडर बरामद किए गए हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत डीलरों और डिलीवरी बॉयज पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राशन की दुकानों पर फिर मिलेगा केरोसिन एलपीजी की मांग को कम करने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किया है। प्रदूषण के कारण 2022 में बंद की गई केरोसिन की आपूर्ति को अस्थायी रूप से फिर से शुरू कर दिया गया है। अब 21 राज्यों में लोग खाना पकाने के लिए राशन की दुकानों से केरोसिन ले सकेंगे। इसके साथ ही, जिन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी (PNG) और एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें एलपीजी सरेंडर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से उछलकर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में 10 रुपये की कटौती की है। हालांकि, घरेलू बाजारों में खुदरा कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी, लेकिन निर्यात पर अतिरिक्त शुल्क लगाकर सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश का ईंधन देश के ही काम आए। मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे ‘पैनिक बाइंग’ न करें, क्योंकि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

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