“बीजेपी ने चुनाव आयोग में भरी फॉर्म-6 की बोरियां”, अभिषेक बनर्जी के आरोप पर CEO का बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच वोटर लिस्ट को लेकर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच ठन गई है। सोमवार को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग बोरियों में भरकर ‘फॉर्म-6’ लेकर चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे थे। उनका दावा है कि बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासियों को पश्चिम बंगाल का वोटर बनाने की साजिश रची जा रही है। इन गंभीर आरोपों पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
आयोग की प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण: मनोज कुमार अग्रवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमारे ऑफिस में फॉर्म-6 जमा होने का मतलब यह कतई नहीं है कि नाम सीधे वोटर लिस्ट में जुड़ जाएगा। हमारे पास रोजाना कई शिकायतें और पत्र आते हैं। फॉर्म-6 जमा होने पर उन्हें जिलाधिकारियों के माध्यम से ईआरओ (ERO) के पास भेजा जाता है, जो उनकी बारीकी से जांच करते हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का अंतिम निर्णय ईआरओ का होता है, न कि सीधे सीईओ कार्यालय का।
सीसीटीवी फुटेज और जांच: अभिषेक बनर्जी द्वारा लगाए गए ‘30,000 फॉर्म’ के दावे पर सीईओ ने कहा कि उन्हें इसकी सटीक संख्या की जांच करनी होगी। टीएमसी की ओर से सीसीटीवी फुटेज जारी करने की मांग पर उन्होंने कहा कि वे अभी नई बिल्डिंग में शिफ्ट हुए हैं, इसलिए शिपिंग कॉर्पोरेशन से बात करके फुटेज की जांच की जाएगी। आयोग अब तृणमूल कांग्रेस द्वारा भेजे गए पत्र का औपचारिक उत्तर तैयार कर रहा है।