दीदी हैं, दीदी ही रहेंगी!’ बंगाल में बीजेपी की हार तय, ममता के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ की तपिश अब लखनऊ तक पहुँच गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। ‘फॉर्म ६’ के कथित दुरुपयोग और मतदाता सूची में बाहरी लोगों के नाम जोड़ने के मुद्दे पर अखिलेश ने बीजेपी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ममता दीदी के सामने बीजेपी का टिकना नामुमकिन है।
अखिलेश का सोशल मीडिया पर धमाका: अखिलेश यादव ने एक्स (Twitter) पर लिखा, “भाजपा बंगाल में चाहे कितने घपले कर ले पर वो वहाँ पक्का हारेगी। ममता दीदी की लोकप्रियता और जनसेवा के आगे भाजपाई सिर्फ़ बुरी हार से बचने का ही प्रबंध कर सकते हैं।” उन्होंने आगे जोड़ा कि बंगाल की मिट्टी का जादू इस बार भाजपा को पूरी तरह गायब कर देगा। अखिलेश ने अपने पोस्ट के अंत में दृढ़ता से लिखा, “दीदी हैं, दीदी रहेंगी!”
पुराना रिश्ता, नई चुनौती: यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश और ममता एक-दूसरे के ढाल बने हों। २०२१ के बंगाल चुनाव और यूपी के पिछले चुनावों में भी दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के लिए प्रचार किया है। ममता बनर्जी ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर मतदाता सूची में धांधली की शिकायत की थी। अखिलेश का यह समर्थन उस शिकायत को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देता है। विपक्ष का मानना है कि बीजेपी हार के डर से अब ‘वोटर लिस्ट’ के साथ छेड़छाड़ कर रही है, लेकिन बंगाल की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। १ अप्रैल २०२६ को आया यह बयान बंगाल की राजनीति में ‘दीदी’ के प्रभाव को और बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।