मालदा में चुनाव अधिकारियों को ९ घंटे तक बनाया बंधक! सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल को बताया ‘सबसे ध्रुवीकृत राज्य’

पश्चिम बंगाल में चुनाव से ठीक पहले मालदा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। वोटर लिस्ट संशोधन (Special Intensive Revision) के काम में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को कालियाचक-२ ब्लॉक कार्यालय में लगभग ९ घंटे तक घेरकर रखा गया। इस घटना पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है और पश्चिम बंगाल को देश का ‘सबसे ध्रुवीकृत राज्य’ (Most Polarised State) करार दिया है।

कालियाचक में अभूतपूर्व घेराव: बुधवार को मालदा के कालियाचक में यह घटना तब हुई जब अधिकारी आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के महत्वपूर्ण कार्य में जुटे थे। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें लंबे समय तक बंधक जैसी स्थिति में रखा, जिससे चुनाव प्रक्रिया बाधित हुई। सुप्रीम कोर्ट ने अपने अवलोकन में स्पष्ट किया कि यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोकने के लिए एक ‘पूर्व नियोजित साजिश’ का हिस्सा है।

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए शीर्ष अदालत ने अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ‘केंद्रीय बल’ (Central Forces) तैनात करने का आदेश दिया है। अदालत ने माना कि बंगाल में चुनाव पूर्व का माहौल काफी तनावपूर्ण है और ऐसे में निष्पक्ष चुनाव के लिए अधिकारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच नई बहस छेड़ दी है।

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