चांद की ओर फिर बढ़े इंसानी कदम! ५० साल बाद नासा का ऐतिहासिक ‘आर्टेमिस ২’ मिशन लॉन्च

अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नासा ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। करीब ५० साल के लंबे इंतजार के बाद इंसान एक बार फिर चांद के करीब पहुंच रहा है। बुधवार को नासा का ‘ओरियन’ अंतरिक्ष यान ‘आर्टेमिस २’ मिशन के तहत सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। ३২২ फीट ऊंचे शक्तिशाली ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) रॉकेट ने केनेडी स्पेस सेंटर से इस यान को अंतरिक्ष की ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
मिशन के ४ जांबाज और उनके अनूठे सामान: इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं— कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसन। ये चारों अगले ১০ दिनों तक चांद के चारों ओर चक्कर लगाएंगे, हालांकि वे इसकी सतह पर कदम नहीं रखेंगे। अपनी इस यात्रा में ये यात्री कुछ खास चीजें भी साथ ले गए हैं। विक्टर ग्लोवर ने अपने साथ ‘बाइबल’ ली है, जेरेमी हैनसन ने परिवार का पेंडेंट, रीड वाइजमैन ने नोटपैड और पेंसिल, जबकि क्रिस्टीना कोच ने अपने प्रियजनों के हाथ से लिखे संदेश साथ रखे हैं।
भविष्य की तैयारी: इस मिशन का मुख्य उद्देश्य ओरियन अंतरिक्ष यान के ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच करना और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए आने वाली चुनौतियों का आकलन करना है। नासा का लक्ष्य ২০২৮ तक फिर से इंसानों को चांद की सतह पर उतारना है, जिसमें स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन जैसी कंपनियां सहयोग करेंगी। आखिरी बार १९৭২ में ‘अपोलो’ मिशन के जरिए इंसान चांद पर गया था। अब ५० साल बाद ‘आर्टेमिस ২’ के जरिए नासा ने एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी कर ली है।