‘अमित शाह के इशारे पर काम कर रहा चुनाव आयोग’, मालदा हिंसा पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बड़ा आरोप

पश्चिम बंगाल के मालदा में राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर न्यायिक अधिकारियों के घेराव, उनके वाहनों पर पथराव और सड़क जाम की घटना ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। बुधवार रात से शुरू हुआ यह तनाव गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा। देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने स्थानीय प्रशासन की विफलता पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने यहां तक कहा कि बंगाल सबसे ध्रुवीकृत राज्य बन गया है और इस मामले की जांच सीबीआई या एनआईए से कराई जा सकती है।
इस बीच, मुर्शिदाबाद के सागरदिघी में एक रैली के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। ममता ने कहा, “प्रशासन और कानून व्यवस्था अब मेरे हाथ में नहीं है। चुनाव आयोग ‘सुपर राष्ट्रपति शासन’ चला रहा है और सभी अधिकारी अमित शाह के निर्देशों पर काम कर रहे हैं।” उन्होंने मालदा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई, बल्कि एक पत्रकार से पता चला कि जजों को बंधक बनाया गया है।
ममता बनर्जी ने असदुद्दीन ओवैसी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा, “हैदराबाद से कोई उड़कर आ रहा है और यहां के गद्दारों को पैसे बांट रहा है। यह बीजेपी का गेम प्लान है ताकि कानून व्यवस्था बिगड़े और उन्हें हस्तक्षेप का मौका मिले।” उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील करते हुए चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने पर एनआईए और सीबीआई सक्रिय हो जाएगी। गौरतलब है कि चुनाव घोषणा के बाद से ही राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को आयोग ने हटा दिया है, जिसे मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक विफलता का मुख्य कारण बताया है।