बीरभूम में अनुब्रत के ‘दुश्मन’ ने भरी हुंकार! चुनाव से पहले सामने आई काजल शेख की करोड़ों की संपत्ति!

बीरभूम जिले की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। ममता बनर्जी ने इस बार बीरभूम जिला परिषद के सभाधिपति और जिले के कद्दावर नेता काजल शेख को हसन विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतारा है। यह पहली बार है जब काजल शेख सीधे तौर पर चुनावी रणभूमि में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
अनुब्रत मंडल से पुरानी अदावत बीरभूम की राजनीति में कभी अनुब्रत मंडल का सिक्का चलता था, लेकिन काजल शेख वह चेहरा रहे हैं जिन्होंने बार-बार मंडल को चुनौती दी। इसके लिए उन्हें कई बार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की फटकार भी सुननी पड़ी, लेकिन काजल अपने रुख पर कायम रहे। अनुब्रत मंडल के जेल जाने के बाद जिले में काजल शेख का कद और दबदबा काफी बढ़ गया। हालांकि, अनुब्रत की वापसी के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि हसन केंद्र पर पार्टी के अंदरूनी समीकरण क्या मोड़ लेते हैं।
आय और बैंक बैलेंस का विवरण चुनावी हलफनामे के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में काजल शेख की वार्षिक आय 8,31,294 रुपये थी। वहीं उनकी पत्नी नाहिदा खातून की आय 7,00,363 रुपये दर्ज की गई है। काजल के पास वर्तमान में 1,37,799 रुपये नकद हैं। उनके विभिन्न बैंक खातों में, विशेषकर नैनूर और शांतिनिकेतन की शाखाओं में, लगभग 53 लाख रुपये जमा हैं।
करोड़ों की अचल संपत्ति काजल शेख की अचल संपत्ति की लिस्ट काफी लंबी है। हलफनामे के मुताबिक, उनके पास कुल 1,53,85,670 रुपये की अचल संपत्ति है, जिसमें कृषि भूमि, तालाब और मकान शामिल हैं। उनकी पत्नी के पास भी लगभग 93 लाख रुपये की अचल संपत्ति और 13 लाख रुपये से अधिक के सोने के गहने हैं। काजल की कुल चल संपत्ति 54 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
कानूनी मामले और त्रिकोणीय मुकाबला बीरभूम में एक ‘बाहुबली’ नेता की छवि रखने वाले काजल शेख ने यह भी स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ कुल 6 आपराधिक मामले लंबित हैं। हसन विधानसभा क्षेत्र, जो कि अल्पसंख्यक बहुल इलाका है, वहां इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होने वाला है। काजल शेख के सामने भाजपा के निखिल बंद्योपध्याय और माकपा (CPM) के कमल हसन चुनौती पेश कर रहे हैं। अब देखना यह है कि बीरभूम का यह दबंग नेता अपनी संपत्ति और प्रभाव के दम पर विधानसभा पहुंच पाता है या नहीं।