क्या बंद होने जा रही है लक्ष्मी भंडार योजना? चुनाव के बीच करोड़ों महिलाओं की बढ़ी चिंता!

पश्चिम बंगाल सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी और लोकप्रिय योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ (Lakshmir Bhandar) को लेकर राज्य की महिलाओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और प्रशासनिक चर्चाओं के अनुसार, आगामी चुनावों के चलते इस योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता में देरी हो सकती है।

आचार संहिता का प्रभाव इस देरी का मुख्य कारण चुनाव आयोग द्वारा लागू की गई ‘आदर्श आचार संहिता’ (Model Code of Conduct) को माना जा रहा है। चुनावी नियमों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया के दौरान सरकार किसी भी ऐसी योजना के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित नहीं कर सकती जो प्रत्यक्ष लाभ से जुड़ी हो। इसी कानूनी पेचीदगी के कारण अप्रैल महीने की राशि बैंक खातों में भेजने पर अस्थायी रूप से रोक लगाई जा सकती है।

करोड़ों महिलाओं पर असर बता दें कि लक्ष्मी भंडार योजना के जरिए सामान्य वर्ग की महिलाओं को १००० रुपये और एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को १२०० रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। बंगाल के लाखों परिवारों के लिए यह राशि घर चलाने का एक बड़ा सहारा है। ऐसे में पैसे मिलने में देरी की खबरों ने गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं को परेशानी में डाल दिया है।

क्या कहते हैं नियम? हालांकि, अब तक राज्य सरकार या नवान्न की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि पैसा अनिश्चित काल के लिए बंद रहेगा। जानकारों का कहना है कि चूंकि यह एक पुरानी और नियमित रूप से चलने वाली योजना है, इसलिए इस पर पूरी तरह रोक नहीं लगनी चाहिए। संभव है कि प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण इसमें कुछ दिनों की देरी हो, जो चुनाव संपन्न होने के बाद फिर से सुचारू रूप से शुरू हो जाएगी।

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