बेटे की अंतिम विदाई और दूसरे शरीर में धड़कता उसका दिल! अहमदाबाद के डॉक्टर पिता के इस फैसले ने दी 6 लोगों को नई जिंदगी

अहमदाबाद के एक डॉक्टर परिवार की कहानी ने पूरे देश की आंखों में आंसू ला दिए हैं। 17 वर्षीय कृष अकबरी, जो 12वीं विज्ञान का छात्र था, 28 मार्च को एक सड़क हादसे का शिकार हो गया। सड़क पर अचानक एक नीलगाय के कूदने से कृष को गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहने के बाद डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया। कृष के पिता, डॉ. रवि अकबरी, जो खुद एक फिजियोथेरेपिस्ट हैं, जानते थे कि उनका बेटा अब कभी नहीं लौटेगा। इस गहरे दुख के बीच उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने मानवता की मिसाल पेश की।
अकबरी परिवार ने कृष के अंगों को दान करने का निर्णय लिया। डॉ. अकबरी बताते हैं, “जब श्मशान में मेरे बेटे का अंतिम संस्कार हो रहा था, उसी समय भावनगर के एक 13 साल के लड़के के शरीर में कृष का दिल धड़कना शुरू हो चुका था।” कृष के अंगों से कुल 6 लोगों को नया जीवन मिला है। उसका हृदय, फेफड़े, दो किडनी, कॉर्निया और हाथ दान किए गए। फरीदाबाद के एक व्यक्ति को हाथ और अहमदाबाद के एक युवक को फेफड़े दिए गए। निजी क्षेत्र में यह हाथ दान करने का पहला मामला है। डॉ. अकबरी का कहना है कि कृष अब भी दूसरों के रूप में जीवित है, और वे चाहते हैं कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़े ताकि किसी और का चिराग इस तरह न बुझे।