‘नरक का दरवाजा खुल जाएगा!’ ट्रम्प की ४८ घंटे की डेडलाइन पर ईरान का खौफनाक पलटवा

अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग अब एक विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दी गई ४८ घंटे की समय सीमा (डेडलाइन) ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। ट्रम्प के ‘नरक’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए ईरान ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ‘मूर्ख और असंतुलित’ करार दिया है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह न तो झुकेगा और न ही डरेगा, बल्कि अमेरिका के लिए ‘नरक के दरवाजे’ खोल देगा।
ट्रम्प का ‘डेडलाइन’ वार: शनिवार रात डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को चेतावनी देते हुए लिखा, “याद रहे, मैंने समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए १० दिन का समय दिया था। वह समय अब समाप्त हो रहा है। ४८ घंटे बाद नरक उतर आएगा।” ट्रम्प का इशारा साफ है कि ६ अप्रैल की समय सीमा खत्म होते ही अमेरिका ईरान के बिजली घरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हमला कर सकता है।
ईरान की ‘विनाशकारी’ प्रतिक्रिया: ईरानी सैन्य मुख्यालय के प्रतिनिधि जनरल अली अब्दुल्लाही अलियाबादी ने ट्रम्प के बयान को ‘बेचारगी और मूर्खता’ का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार मिल रही हार से अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। यदि अमेरिका या इजरायल ने ईरान की राष्ट्रीय संपत्ति को निशाना बनाया, तो मध्य पूर्व में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मलबे में तब्दील कर दिया जाएगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि इस संघर्ष के बढ़ने का मतलब अमेरिका के लिए भारी तबाही होगा।
क्या होगा ६ अप्रैल को? पूरी दुनिया की नजरें अब सोमवार, ६ अप्रैल पर टिकी हैं। ट्रम्प की १० दिनों की समय सीमा कल समाप्त हो रही है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मान रहे हैं कि युद्धविराम की संभावनाएं अब न के बराबर हैं। यदि अमेरिका सैन्य कार्रवाई शुरू करता है, तो ईरान की जवाबी कार्रवाई पूरे मध्य पूर्व को युद्ध की आग में झोंक सकती है। यह तनाव केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।