क्या आपका भी है IPPB में अकाउंट? तकनीकी गड़बड़ी और फेल ट्रांजैक्शन ने उड़ाए ग्राहकों के होश!

अगर आप डिजिटल इंडिया के दौर में यूपीआई (UPI) के जरिए भुगतान करते हैं और आपका खाता ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक’ (IPPB) में है, तो यह खबर आपके लिए चेतावनी है। संसद में पेश की गई कैग (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने इस सरकारी बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बैंक की लचर तकनीक और नियमों की अनदेखी के कारण लाखों ग्राहकों का पैसा और डेटा जोखिम में है।

फेल ट्रांजैक्शन की दर ७ प्रतिशत के पार कैग की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, यूपीआई लेनदेन के मामले में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक बुरी तरह पिछड़ गया है। आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार, तकनीकी कारणों से लेनदेन फेल होने की दर १% से कम होनी चाहिए। हालांकि, २०२२-२३ के दौरान IPPB के मामले में यह दर ७.८२% तक पहुंच गई। इसका सीधा मतलब है कि इस बैंक के ग्राहकों को भुगतान करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बैंक की विश्वसनीयता पर बुरा असर पड़ा है।

केवाईसी और डेटा सुरक्षा में बड़ी चूक कैग की रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि कई खाते बिना मोबाइल नंबर सत्यापन (verification) के ही खोल दिए गए। इतना ही नहीं, एक ही मोबाइल नंबर से कई ग्राहकों के ‘सीआईएफ’ (CIF) लिंक कर दिए गए, जो बैंकिंग सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी लापरवाही है। इसके अलावा, बैंक की ‘डोरस्टेप बैंकिंग’ सेवा भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। कई मामलों में सेवाएं समय पर नहीं मिलीं या बिना बताए रद्द कर दी गईं। अगर आपका भी इस बैंक में खाता है, तो तकनीकी खराबी और सुरक्षा कारणों से आपका ट्रांजैक्शन कभी भी अटक सकता है।

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