बंगाल चुनाव में कांग्रेस का ‘एकला चलो’ अवतार! सोनिया-राहुल की एंट्री से मचा सियासी हड़कंप!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए कांग्रेस ने इस बार अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी है। पिछले दो दशकों से गठबंधन की राजनीति का हिस्सा रहने वाली कांग्रेस इस बार पूरे 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है। सोमवार शाम को पार्टी ने अपने 40 ‘स्टार प्रचारकों’ की सूची जारी कर दी है, जिससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस इस बार तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के मुकाबले खुद को तीसरे नहीं बल्कि मुख्य विकल्प के रूप में पेश कर रही है।
दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा बंगाल के रण में जान फूंकने के लिए गांधी परिवार खुद मैदान में उतर रहा है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी बंगाल के विभिन्न जिलों में जनसभाएं करेंगे। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, शशि थरूर और सलमान खुर्शीद जैसे बड़े नाम भी इस सूची में शामिल हैं। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने बताया कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य हर एक मतदाता तक विकास का संदेश पहुंचाना है।
कोलकाता की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन आज दोपहर 12 बजे कोलकाता के हाजरा क्रॉसिंग से कांग्रेस एक बड़ा जुलूस निकालने जा रही है। आशुतोष चटर्जी, रोहन मित्रा और जीशान अहमद जैसे युवा चेहरों के नामांकन के बहाने कांग्रेस अपनी ताकत का अहसास कराएगी। इस रैली में गुलाम अहमद मीर और बी.के. हरिप्रसाद जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। मंगलवार को पार्टी अपना चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) भी जारी करेगी, जिसमें रोजगार और सुशासन को प्राथमिकता दी गई है।
विकास और लोकतंत्र की लड़ाई सुभंकर सरकार के अनुसार, बंगाल की जनता अब ‘द्विध्रुवीय राजनीति’ (Trinamool vs BJP) से थक चुकी है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ही वह एकमात्र विकल्प है जो संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र की रक्षा कर सकती है। हमारे प्रत्याशी जनता के प्रतिनिधि हैं और हम पूरी ताकत के साथ चुनाव जीतकर बंगाल में शांति और समृद्धि वापस लाएंगे।” 20 साल बाद अकेले लड़ रही कांग्रेस के लिए यह चुनाव साख की लड़ाई बन चुका है।