हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर आर-पार की जंग! क्या बाइडेन के बाद ट्रंप लेंगे बड़ा एक्शन?

मध्य पूर्व में युद्ध की चिंगारी अब भीषण आग का रूप लेती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर जो कड़ा रुख अपनाया है, उसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर ईरान ने अमेरिका की शर्तों पर समझौता नहीं किया, तो उसे वह दिन देखना पड़ सकता है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। ट्रंप की इस चेतावनी के बाद ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव की संभावना और प्रबल हो गई है।

ट्रंप ने अपने बयान में संकेत दिया कि अमेरिका के पास एक ऐसी योजना तैयार है, जिसके जरिए एक ही रात में ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सकता है। इसमें देश के प्रमुख पुल, बिजली संयंत्र और संचार केंद्र शामिल हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि तेहरान को दिया गया समय अब खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से व्यापार के लिए खोलने के लिए जो समय सीमा तय की गई है, उसके महज चार घंटे के भीतर हमला किया जा सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति का मुख्य जोर हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है। ट्रंप ने कहा कि इस रास्ते से तेल और अन्य सामानों की आवाजाही में कोई रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अल्पकालिक संघर्ष विराम के प्रस्तावों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका केवल वही समझौता स्वीकार करेगा जो उसकी सभी सुरक्षा शर्तों को पूरा करता हो।

ट्रंप के दावों के अनुसार, ईरान के आम लोग वर्तमान स्थिति से दुखी हैं और बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, संभावित हमले से होने वाली मानवीय तबाही को लेकर ट्रंप ने कोई नरमी नहीं दिखाई। उनका कहना है कि अमेरिका की सैन्य शक्ति इतनी सक्षम है कि वह पलक झपकते ही किसी देश की कमर तोड़ सकती है। वहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव ने भी आगाह किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है। अब गेंद ईरान के पाले में है—या तो वह झुककर समझौता करे, या फिर अमेरिकी विनाशकारी हमले का सामना करने के लिए तैयार रहे।

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