बंगाल में चुनावी महासंग्राम! मोदी की ‘गारंटी’ बनाम ममता की ‘हुंकार’, बढ़ा सियासी पारा!

पश्चिम बंगाल के चुनावी रणक्षेत्र में अब शब्दों के बाण नहीं, बल्कि सीधे ‘हुंकार’ और ‘हौसले’ की लड़ाई चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कूचबिहार की सभा से जब तृणमूल कांग्रेस के ‘पापों का हिसाब’ लेने की बात कही, तो उसके ठीक 24 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी आक्रामक शैली में जवाब दिया। ममता ने दो टूक शब्दों में कहा, “ज्यादा मत बोलिए, एक-दो केस दूंगी और आपको लटका दूंगी (लोकतंत्र के कटघरे में)।”

कूचबिहार की रैली में पीएम मोदी ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा था, “मैं आपको आश्वासन देता हूं कि इस चुनाव के बाद इनके (TMC) पापों का पूरा हिसाब होगा। 4 मई के बाद कानून अपना काम करेगा। चाहे कितना भी बड़ा गुंडा क्यों न हो, अब न्याय होगा।” मोदी का इशारा साफ था कि चुनाव नतीजों के बाद भ्रष्टाचार और हिंसा के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके जवाब में सोमवार को ममता बनर्जी ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि विपक्षी दलों को धमकाने की कोशिश न की जाए, जनता उन्हें लोकतंत्र के कटघरे में खड़ा करेगी।

इस जुबानी जंग में अभिषेक बनर्जी ने भी तीखा तड़का लगाया है। जलंगी में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अभिषेक ने समर्थकों से कहा, “बस 28 दिन और… दांत से दांत दबाकर सह लीजिए। चुनाव परिणाम आने दीजिए, मैं वादा करता हूं कि ब्याज समेत जवाब दिया जाएगा।” वहीं बीजेपी नेता दिलीप घोष ने प्रधानमंत्री के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि ब्रिगेड से ही हिसाब-किताब का नेतृत्व पीएम खुद कर रहे हैं और अब कोई भी अत्याचारी बच नहीं पाएगा।

बंगाल की राजनीति में ‘हसाब-किताब’ और ‘ब्याज समेत जवाब’ जैसे शब्दों ने माहौल को और भी गरमा दिया है। एक तरफ बीजेपी जहां केंद्र की ताकत और जांच एजेंसियों के जरिए भ्रष्टाचार को खत्म करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ टीएमसी इसे बंगाल की अस्मिता और लोकतांत्रिक लड़ाई बता रही है। फिलहाल सबकी नजरें 4 मई के नतीजों पर टिकी हैं, जब जनता तय करेगी कि ‘सिकंदर’ कौन है।

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