मुर्शिदाबाद और नदिया में सबसे बड़ा झटका! लाखों नाम कटे, वोटिंग से पहले आयोग की बड़ी कार्रवाई

चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त ट्रिब्यूनल ने पश्चिम बंगाल में ‘विचाराधीन’ (Under Adjudication) मतदाताओं के नाम पर अपना पहला फैसला सुना दिया है। चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, कुल मिलाकर लगभग ९১ लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही आशंका जताई थी कि बंगाल में करीब १.२० करोड़ नाम काटे जा सकते हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यह संख्या ९०,৮৩,৩৪৫ तक पहुंच गई है।
आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार रात तक विचाराधीन ६०,६६,০৭৫ मतदाताओं में से ३२,৬৮,১১৯ मतदाताओं को ‘योग्य’ पाया गया है, जो अब मतदान कर सकेंगे। वहीं, २७,১৬,৩৯৩ मतदाताओं को ‘अयोग्य’ घोषित कर दिया गया है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम कटे हैं, वे ट्रिब्यूनल में दोबारा अपील कर सकते हैं।
जिलों का हाल: संख्या के मामले में मुर्शिदाबाद जिला शीर्ष पर है, जहां ४,৫৫,১৩৭ मतदाताओं को अवैध पाया गया। वहीं, प्रतिशत के लिहाज से नदिया जिले में सबसे अधिक नाम कटे हैं। नदिया में निपटाये गए २,৬৭,৯৪০ मामलों में से २,০৮,৬২৬ मतदाताओं के दस्तावेज फर्जी या अवैध पाए गए। उत्तर २४ परगना में ३.२५ लाख और दक्षिण २४ परगना में २.২২ लाख से अधिक नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं।