कोलकाता पहुंचने का सपना छोड़ अपनी बदहाली सुधारे पाकिस्तान उमर अब्दुल्ला का करारा जवाब

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के भड़काऊ बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पाकिस्तान को जमीनी हकीकत का आईना दिखाते हुए कहा कि जो देश पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दिल्ली तक नहीं पहुंच पाया, उसका कोलकाता तक पहुंचने की बात करना महज एक खोखला दावा है। उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को अपनी आंतरिक स्थिति सुधारने और भारत के साथ संबंध बेहतर करने की नसीहत दी है।
विवाद की जड़ पाकिस्तान का बड़बोलापन
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में एक विवादित बयान दिया था जिसमें उन्होंने भविष्य के किसी भी संघर्ष में कोलकाता को निशाना बनाने की धमकी दी थी। उन्होंने बिना किसी सबूत के भारत पर ‘फॉल्स फ्लैग’ ऑपरेशन की साजिश रचने का आरोप लगाया और कहा कि अगर भारत ऐसी कोई कोशिश करता है, तो पाकिस्तान की पहुंच कोलकाता तक होगी।
उमर अब्दुल्ला का पलटवार और ऑपरेशन सिंदूर की याद
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में ख्वाजा आसिफ के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने पाकिस्तान को पिछले साल की नाकामियों की याद दिलाते हुए निम्नलिखित मुख्य बातें कहीं:
- दिल्ली और जम्मू का उदाहरण: अब्दुल्ला ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अभी एक साल भी नहीं बीता है। उस वक्त भी पाकिस्तान बड़ी बातें कर रहा था, लेकिन वह भारत की राजधानी दिल्ली तक तो क्या, जम्मू के आगे भी कुछ खास नहीं कर सका।
- सपनों से बाहर आने की सलाह: उन्होंने स्पष्ट किया कि जो देश जम्मू तक आकर कोई बड़ा नुकसान नहीं कर पाया, उसका कोलकाता पहुंचने का ख्वाब देखना हास्यास्पद है।
- ईंधन संकट और बदहाली: पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के विमान लगातार उड़ान भर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के पास विदेशी एयरलाइनों को देने के लिए ईंधन तक नहीं है। वहां एयरलाइंस से अपना तेल खुद साथ लाने को कहा जा रहा है।
रिश्तों में सुधार ही एकमात्र रास्ता
उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को कूटनीतिक सलाह देते हुए कहा कि टकराव के बजाय बातचीत और संबंधों को सुधारने पर ध्यान देना पाकिस्तान के अपने हित में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि खराब रिश्तों का असर भारत की तुलना में पाकिस्तान पर कहीं अधिक पड़ता है। उन्होंने पाकिस्तान को सुझाव दिया कि वह युद्ध की धमकियां देने के बजाय अपने मुल्क की जर्जर हालत को ठीक करने की कोशिश करे।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान गई थी। भारतीय सेना ने इस हमले का बदला लेने के लिए पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे, जबकि पाकिस्तान की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई पूरी तरह विफल रही थी।
एक झलक
- विवाद: पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कोलकाता को निशाना बनाने की धमकी दी।
- जवाब: उमर अब्दुल्ला ने इसे पाकिस्तान का ‘दिवास्वप्न’ करार दिया।
- हकीकत: पाकिस्तान गंभीर आर्थिक और ईंधन संकट से जूझ रहा है।
- इतिहास: ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने 100 से अधिक आतंकियों को ढेर किया था।
- निष्कर्ष: सीएम अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को टकराव छोड़ संबंध सुधारने की सलाह दी।