मध्यम वर्ग को बड़ी राहत! आरबीआई ने नहीं बदला रेपो रेट, आपके लोन की ईएमआई नहीं बढ़ेगी

देश के मध्यम वर्ग और कर्जदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने नए वित्त वर्ष की पहली बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को इस निर्णय की घोषणा की, जिससे साफ हो गया है कि होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता का माहौल था। हालांकि, दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के तुरंत बाद आरबीआई का यह कदम भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ाने वाला साबित हुआ है। छह सदस्यीय समिति ने सर्वसम्मति से ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया ताकि देश की विकास दर और महंगाई के बीच संतुलन बना रहे।
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर रिजर्व बैंक अन्य वाणिज्यिक बैंकों को कर्ज देता है। यदि रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंक अपने ग्राहकों के लिए ऋण की ब्याज दरें बढ़ा देते हैं। पिछले साल अगस्त और अक्टूबर के बाद यह लगातार चौथी बार है जब केंद्रीय बैंक ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आम आदमी के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि उनके मासिक बजट पर ब्याज का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, जिससे त्योहारी सीजन और नए निवेश के लिए रास्ते खुलेंगे।