होर्मुज की शर्त पर थमी जंग! क्या ईरान की 10 मांगों के आगे बेबस हुआ अमेरिका?

“आज रात तक सभ्यता का अंत हो जाएगा”—अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस खौफनाक बयान के कुछ ही घंटों बाद मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर आई है। ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांटों और पुलों को निशाना बनाने के अपने फैसले को फिलहाल टालते हुए दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की है। ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने उनसे संपर्क कर विनाशकारी सैन्य कार्रवाई को रोकने का अनुरोध किया था, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया।

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस युद्धविराम को इजरायल का भी समर्थन प्राप्त है। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन दो हफ्तों के भीतर ईरान को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) को पूरी तरह खोलना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो ईरान के गैर-सैन्य बुनियादी ढांचे पर फिर से हमले शुरू कर दिए जाएंगे। फिलहाल इजरायल ने भी अपनी सभी सैन्य गतिविधियां रोक दी हैं।

दूसरी ओर, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का दावा है कि अमेरिका उनकी 10-सूत्रीय मांगों को मानने के लिए मजबूर हुआ है। इन शर्तों में यूरेनियम संवर्धन की अनुमति, सभी प्रतिबंधों को हटाना और क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी शामिल है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस भीषण संघर्ष में अब तक ईरान में 1900 और लेबनान में 1500 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। अब देखना यह है कि क्या ये दो हफ्ते एक स्थायी शांति समझौते की नींव रख पाएंगे।

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