गानों में महिलाओं का अपमान! महिला आयोग के कड़े तेवर देख बैकफुट पर आए बादशाह

मशहूर रैपर बादशाह एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। इस बार मामला उनके हालिया हरियाणवी गाने ‘ततीरी’ (Tateeree) को लेकर है, जिसमें महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा और अश्लील चित्रण का आरोप लगा है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद बादशाह ने न केवल बिना शर्त माफी मांगी है, बल्कि अपनी गलती सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाने का वादा भी किया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया राहतकर के समक्ष पेश हुए बादशाह ने स्वीकार किया कि गाने के बोल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले थे। उन्होंने लिखित रूप में माफी मांगते हुए कहा कि भविष्य में वे अपने गानों के शब्दों को लेकर बेहद सतर्क रहेंगे। अपनी छवि सुधारने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए बादशाह ने घोषणा की है कि वे ५० गरीब और जरूरतमंद लड़कियों की शिक्षा का पूरा खर्च वहन करेंगे।
सुनवाई के दौरान बादशाह के साथ निर्देशक जोबन संधू और निर्माता हितेन भी मौजूद थे। आयोग ने स्पष्ट किया कि मनोरंजन के नाम पर महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बादशाह ने आयोग को भरोसा दिलाया है कि अगले चार महीनों के भीतर वे ‘महिला सशक्तिकरण’ पर आधारित एक सकारात्मक गाना लेकर आएंगे, जो समाज में एक अच्छा संदेश देगा।
बता दें कि १ मार्च को रिलीज हुए इस गाने ‘ततीरी’ को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि इसे सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया से इस गाने के सैकड़ों लिंक डिलीट करवा दिए हैं। यह पहली बार नहीं है जब बादशाह विवादों में आए हों; इससे पहले ‘गेंदा फूल’ और अन्य गानों में दोहरे अर्थ वाले शब्दों के लिए भी उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी थी। हालांकि, महिला आयोग के सख्त रुख ने इस बार बादशाह को झुकने पर मजबूर कर दिया है।