इवोल्यूक्यूमैब दवा से पहले हार्ट अटैक को रोकना अब संभव

इवोल्यूक्यूमैब दवा से पहले हार्ट अटैक को रोकना अब संभव

दुनिया भर में हृदय रोग मौत का सबसे बड़ा कारण बने हुए हैं। अक्सर लोग तब सचेत होते हैं जब धमनियों में ब्लॉकेज हो जाती है या दिल का दौरा पड़ जाता है। लेकिन हाल ही में हुई एक नई मेडिकल रिसर्च ने चिकित्सा जगत में नई उम्मीद जगाई है। शोध के अनुसार इवोल्यूक्यूमैब (Evolocumab) नामक दवा हाई-रिस्क वाले मरीजों में पहले हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक टालने में सक्षम है।

क्या कहती है नई रिसर्च

मैसाचुसेट्स जनरल ब्रिगहम (अमेरिका) द्वारा की गई यह स्टडी मेडिकल जर्नल JAMA में प्रकाशित हुई है। इस शोध के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • यह दवा विशेष रूप से उन डायबिटीज मरीजों के लिए असरदार है जो हृदय रोग के उच्च जोखिम (High-risk) पर हैं।
  • यह उन लोगों पर भी प्रभावी पाई गई है जिनमें धमनियों की बीमारी के शुरुआती लक्षण स्पष्ट रूप से नहीं दिख रहे थे।
  • बीमारी के गंभीर होने से पहले ही यह दवा उसे रोकने में मदद करती है।

बैड कोलेस्ट्रॉल और हार्ट अटैक का संबंध

हृदय की कार्यक्षमता धमनियों की स्वच्छता पर निर्भर करती है। धमनियों में प्लाक (Plaque) यानी गंदगी जमा होने की प्रक्रिया को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। इस जमाव का सबसे मुख्य कारण एलडीएल (LDL) या ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ है। जब धमनियों में यह जमाव बढ़ जाता है, तो रक्त का प्रवाह बाधित होता है, जिसके परिणामस्वरूप हार्ट अटैक या स्ट्रोक की स्थिति उत्पन्न होती है।

इवोल्यूक्यूमैब और स्टैटिन में अंतर

आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए डॉक्टर ‘स्टैटिन’ दवा का उपयोग करते हैं। हालांकि, गंभीर स्थिति वाले मरीजों में केवल स्टैटिन पर्याप्त नहीं होती। इवोल्यूक्यूमैब एक PCSK9 इनहिबिटर है। यह दवा स्टैटिन की तुलना में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को 60% तक अधिक कम करने की क्षमता रखती है।

स्टडी के परिणाम और प्रभाव

3,655 डायबिटीज मरीजों पर किए गए इस अध्ययन में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं:

  • कोलेस्ट्रॉल में कमी: दवा के नियमित सेवन से एक साल के भीतर मरीजों के बैड कोलेस्ट्रॉल में 51% की गिरावट देखी गई।
  • जोखिम में कटौती: पांच साल के लंबे फॉलो-अप के बाद विशेषज्ञों ने पाया कि इवोल्यूक्यूमैब लेने वालों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या हृदय रोग से होने वाली मौत का खतरा 31% तक कम हो गया।

यह शोध स्पष्ट करता है कि यदि सही समय पर और उन्नत दवाओं के साथ उपचार शुरू किया जाए, तो पहली बार होने वाले हार्ट अटैक को भी सफलतापूर्वक रोका जा सकता है।

एक झलक

  • रिसर्च के अनुसार इवोल्यूक्यूमैब दवा पहले हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम करती है।
  • डायबिटीज और हाई-रिस्क मरीजों के लिए यह दवा विशेष रूप से जीवन रक्षक साबित हो सकती है।
  • यह दवा बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में स्टैटिन से अधिक प्रभावी है।
  • अध्ययन में दिल की बीमारियों के खतरे में 31% की कमी दर्ज की गई है।

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