विधायक की शादी में लगा लंबा जाम, 1 IPS समेत 6 पुलिस अफसरों पर गिरी गाज! मुख्यालय ने मांगा जवाब

राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुई एक हाई-प्रोफाइल शादी अब पुलिस अधिकारियों के लिए गले की फांस बन गई है। 9 मार्च को कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर की शादी के दौरान सीकर रोड पर लगे कई किलोमीटर लंबे जाम को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में एक आईपीएस (IPS) अधिकारी सहित छह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से स्पष्टीकरण (Notice) मांगा गया है।

शादी का जश्न और जनता का कष्ट: यह मामला कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर और आरजेएस अधिकारी कोमल मीणा की शादी से जुड़ा है, जो हरमाड़ा स्थित एक रिसॉर्ट में संपन्न हुई थी। इस समारोह में सत्तापक्ष और विपक्ष के दिग्गज नेताओं के साथ-साथ कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए थे। वीआईपी मूवमेंट के कारण सीकर रोड पर अचानक ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया, जिससे घंटों तक लंबा जाम लगा रहा। वायरलेस पर लगातार संदेश देने के बाद भी स्थिति को समय पर नियंत्रित नहीं किया जा सका, जिससे आम जनता को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

जांच में फंसे ये बड़े नाम: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के स्पेशल सीपी के आदेश पर स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की। उनकी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने निम्नलिखित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं:

  • आईपीएस उषा यादव (एसीपी चौमू)
  • किशोर सिंह भदोरिया (एसीपी ट्रैफिक)
  • ट्रैफिक इंस्पेक्टर मंजू चौधरी, संपत राज, नवरत्न धौलिया
  • उदय सिंह (थाना अधिकारी, हरमाड़ा)

सख्ती का संदेश: जांच के बीच ही आईपीएस उषा यादव का तबादला कर उन्हें हाड़ी रानी बटालियन का कमांडेंट बना दिया गया है। साथ ही जयपुर डीसीपी ट्रैफिक का भी तबादला किया जा चुका है। यह राजस्थान पुलिस के इतिहास में संभवतः पहली बार है जब ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति के लिए न केवल निचले स्तर के कर्मियों बल्कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। पुलिस मुख्यालय का यह कदम स्पष्ट करता है कि वीआईपी कार्यक्रमों के नाम पर आम जनता को परेशान करने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *