वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर घिरे दिलीप घोष! खड़गपुर में जनता ने दागे तीखे सवाल, बीएलओ पर फोड़ा ठीकरा!

बीजेपी के फायरब्रांड नेता और खड़गपुर सदर से उम्मीदवार दिलीप घोष एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। बुधवार सुबह खड़गपुर के वार्ड नंबर 8 के राजग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें न केवल जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा, बल्कि उनके बयानों ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

वोटर लिस्ट विवाद: जनता का गुस्सा प्रचार के दौरान एक स्थानीय निवासी ने दिलीप घोष को रोककर सीधे सवाल पूछा कि उसका नाम वोटर लिस्ट से क्यों हटा दिया गया? उस व्यक्ति का कहना था कि उसके माता-पिता और पत्नी का नाम लिस्ट में है, लेकिन उसका नाम ‘विचाराधीन’ (Under Adjudication) था और अब काट दिया गया है। अचानक हुए इस सवाल से दिलीप घोष थोड़े असहज दिखे, लेकिन उन्होंने तुरंत इसका दोष तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर मढ़ दिया। उन्होंने कहा, “यह सब टीएमसी के बीएलओ (BLO) की साजिश है। उन्होंने जानबूझकर कागजात जमा नहीं किए। आप ट्रिब्यूनल जाइए या ऑनलाइन फिर से अप्लाई कीजिए।”

जून मालिया पर विवादित टिप्पणी दिलीप घोष यहीं नहीं रुके, उन्होंने मेदिनीपुर की टीएमसी सांसद और अभिनेत्री जून मालिया पर तीखा व्यक्तिगत हमला बोला। उन्होंने कहा, “यहाँ एक ‘फुटफुट’ (खूबसूरत) सांसद हुई हैं। नामांकन के दिन स्ट्रीट डांस दिखाकर चली गईं। टीवी पर डांस फ्री में देखिए, वे मोहल्लों में नहीं आतीं। कीचड़ लगेगा, धूप में रंग काला हो जाएगा, इसलिए वे नहीं आतीं।”

राजनीतिक घमासान दिलीप घोष की इस टिप्पणी पर जहां कुछ लोग हंसते नजर आए, वहीं टीएमसी ने इसे महिलाओं का अपमान करार दिया है। स्थानीय लोगों में भी उनके इस व्यवहार को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है, कुछ ने तो मजाकिया अंदाज में इलाके में ‘गंगाजल’ छिड़कने तक की सलाह दे डाली। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले दिलीप घोष के ये ‘कड़वे बोल’ मेदिनीपुर की राजनीति को और गर्म कर रहे हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *