बंगाल चुनाव: कांग्रेस का बड़ा दांव! घोषणापत्र के २४ घंटे बाद ७ सीटों पर बदले उम्मीदवार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ के लिए कांग्रेस ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। मंगलवार को मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा घोषणापत्र जारी किए जाने के ठीक २४ घंटे बाद, पार्टी ने दक्षिण बंगाल के चार जिलों की सात सीटों पर अपने उम्मीदवार बदल दिए हैं। कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बुधवार को संशोधित सूची जारी की, जिसमें उत्तर २४ परगना की हाबरा सीट के लिए नए उम्मीदवार की भी घोषणा की गई है।
उम्मीदवारों की नई फेहरिस्त: पार्टी ने नदिया जिले की नकाशिपारा सीट से गुलाम किब्रिया मंडल की जगह ताहिर शेख और चापड़ा से रहिदुल मंडल की जगह आसिफ खान को मैदान में उतारा है। उत्तर २४ परगना के मीनाखां में वर्णालि नस्कर का टिकट काटकर सुनयना विश्वास को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, हाबरा सीट पर सस्पेंस खत्म करते हुए प्रणब भट्टाचार्य के नाम की घोषणा की गई है। दक्षिण २४ परगना के मंदिरबाजार में कौशिक वैद्य की जगह अब चांद सरदार चुनाव लड़ेंगे। बर्धमान जिले की रायना, केतुग्राम और औशग्राम सीटों पर भी नए चेहरों को मौका दिया गया है।
विरोध के बावजूद कुछ सीटों पर कोई बदलाव नहीं: दिलचस्प बात यह है कि कोलकाता की बालीगंज और हावड़ा की श्यामपुर सीट पर उम्मीदवार बदलने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भारी बवाल हुआ था। मारपीट और खून-खराबे की स्थिति पैदा होने के बावजूद हाईकमान ने इन सीटों पर कोई बदलाव नहीं किया है।
राज्य में २० साल बाद कांग्रेस सभी २९४ सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही है। हालांकि, नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवारों को बदलने के इस फैसले ने पार्टी के भीतर और बाहर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उम्मीदवारों की घोषणा में देरी और अब ऐन वक्त पर बदलाव का असर चुनाव प्रचार पर पड़ सकता है। इन सभी आठ सीटों पर २९ अप्रैल को मतदान होना है। कांग्रेस के इस ‘लास्ट मिनट’ फेरबदल का चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ेगा, यह भविष्य के गर्भ में है।