अमेरिका ईरान संघर्ष विराम और पाकिस्तान की भूमिका ने शेयर बाजार में मचाया तहलका

अमेरिका ईरान संघर्ष विराम और पाकिस्तान की भूमिका ने शेयर बाजार में मचाया तहलका

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ दक्षिण एशियाई बाजारों में एक नई ऊर्जा भर दी है। इस ऐतिहासिक शांति समझौते में पाकिस्तान द्वारा निभाई गई मध्यस्थ की भूमिका का सीधा असर उसके घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिला है। कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट ने पाकिस्तान जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी का काम किया है।

कच्चे तेल की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट

शांति समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 15 फीसदी तक की भारी कमी दर्ज की गई। पिछले 6 वर्षों में यह एक दिन में होने वाली सबसे बड़ी गिरावट है। तेल के दामों में इस कटौती ने पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले बोझ को कम करने की उम्मीद जगाई है, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव निवेशकों के मनोबल पर पड़ा।

कराची स्टॉक एक्सचेंज में रिकॉर्ड तोड़ बढ़त

बुधवार को पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज (KSE-100) ने इतिहास रच दिया। बाजार खुलते ही इसमें जबरदस्त रिकवरी देखी गई:

  • शुरुआती उछाल: केएसई-100 इंडेक्स 12,000 अंकों की तेजी के साथ खुला।
  • दोपहर का कारोबार: दोपहर 2 बजे तक इंडेक्स 13,500 अंक उछलकर 1,65,205 के स्तर पर पहुंच गया।
  • मार्केट हॉल्ट: बाजार में 9 फीसदी से अधिक की ऐतिहासिक तेजी आने के बाद नियमों के मुताबिक कारोबार को अस्थाई रूप से रोकना पड़ा।

यह तेजी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत के बाद बाजार 16,089 अंक तक क्रैश हो गया था। अब शांति स्थापना में पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका ने बाजार को फिर से पटरी पर ला दिया है।

भारत और पाकिस्तान के बाजारों का तुलनात्मक विश्लेषण

भले ही प्रतिशत के लिहाज से पाकिस्तान के बाजार में बड़ी तेजी दिखी हो, लेकिन भारतीय शेयर बाजार के विशाल आकार के सामने यह काफी सीमित है। भारत के सेंसेक्स और निफ्टी में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया:

  • सेंसेक्स और निफ्टी: सेंसेक्स 2,946 अंक चढ़कर 77,563 पर और निफ्टी 874 अंक की बढ़त के साथ 23,997 पर बंद हुआ।
  • बाजार पूंजीकरण का अंतर: कराची स्टॉक एक्सचेंज का कुल मार्केट कैप मात्र 4 लाख करोड़ रुपये है। इसके विपरीत, भारत के बीएसई (BSE) का मार्केट कैप 445 लाख करोड़ रुपये के विशाल स्तर पर है।
  • एक दिन की कमाई: भारतीय निवेशकों ने बुधवार को एक ही दिन में 17 लाख करोड़ रुपये कमाए, जो पाकिस्तान के पूरे शेयर बाजार की कुल वैल्यू से भी चार गुना अधिक है।

शांति समझौते का दूरगामी प्रभाव

अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर न केवल युद्ध के खतरों को टालता है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को भी स्थिर करता है। पाकिस्तान के लिए यह अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने का एक सुनहरा अवसर है, जबकि भारत के लिए यह ऊर्जा सुरक्षा और बाजार विस्तार के नए रास्ते खोलता है।

एक झलक

  • तेल की कीमत: एक दिन में 15% की गिरावट, 6 साल का सबसे निचला स्तर।
  • पाकिस्तान बाजार: केएसई-100 में 13,500 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त।
  • भारत की स्थिति: भारतीय निवेशकों की संपत्ति में 17 लाख करोड़ रुपये का इजाफा।
  • मुख्य कारण: अमेरिका-ईरान युद्धविराम और पाकिस्तान की मध्यस्थता।
  • मार्केट कैप: भारत (445 लाख करोड़) बनाम पाकिस्तान (4 लाख करोड़)।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *