गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के आरोपी लूथरा भाइयों को कोर्ट से मिली नियमित जमानत

गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के आरोपी लूथरा भाइयों को कोर्ट से मिली नियमित जमानत

गोवा के चर्चित नाइटक्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ अग्निकांड मामले के मुख्य आरोपी सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। मापुसा स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) जूड सेक्वेरा की अदालत ने जालसाजी के मामले में दोनों भाइयों को नियमित जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद लूथरा बंधुओं की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

कानूनी प्रक्रिया और जमानत की शर्तें

अधिवक्ता पराग राव ने अदालत के फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके मुवक्किलों को रिहा किया जाएगा, लेकिन कोर्ट ने कुछ सख्त शर्तें भी लागू की हैं। जमानत की शर्तों के अनुसार:

  • लूथरा बंधुओं को अगले पांच दिनों तक अनिवार्य रूप से मापुसा पुलिस स्टेशन में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
  • उन्हें मामले की जांच में पूर्ण सहयोग करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करने का निर्देश दिया गया है।

क्या है पूरा मामला और जालसाजी के आरोप

दिसंबर 2025 में ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ क्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की जान चली गई थी। इस मामले की जांच के दौरान यह पाया गया कि लूथरा भाइयों ने क्लब के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति और उत्पाद शुल्क लाइसेंस प्राप्त करने हेतु जाली दस्तावेजों का सहारा लिया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की फर्जी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) तैयार की थी। कैंडोलिम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य अधिकारी की शिकायत पर यह अलग से जालसाजी का मामला दर्ज किया गया था।

लापरवाही और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

6 दिसंबर, 2025 को हुई इस दर्दनाक घटना के बाद सौरभ और गौरव लूथरा थाईलैंड भाग गए थे। हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता के कारण उन्हें 17 दिसंबर को भारत प्रत्यर्पित किया गया, जिसके बाद गोवा की अंजुना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। इससे पहले 1 अप्रैल को मापुसा सत्र अदालत ने उन्हें अग्निकांड मामले में भी जमानत दे दी थी।

ईडी की बड़ी कार्रवाई: 17 करोड़ की संपत्ति कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में धनशोधन (Money Laundering) की जांच कर रहा है। हाल ही में ईडी ने कार्रवाई करते हुए नाइट क्लब के प्रवर्तकों की 17.45 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। ईडी का आरोप है कि क्लब का संचालन अवैध तरीके से किया जा रहा था और इससे अर्जित धन शोधन की श्रेणी में आता है। एजेंसी ने इस सिलसिले में दिल्ली, गोवा और हरियाणा में भी छापेमारी की थी।

एक झलक

  • मुख्य आरोपी: सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा।
  • घटना: ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ अग्निकांड, जिसमें 25 मौतें हुईं।
  • ताजा राहत: जालसाजी मामले में मापुसा कोर्ट से नियमित जमानत।
  • शर्त: 5 दिनों तक रोजाना पुलिस स्टेशन में हाजिरी।
  • ईडी एक्शन: 17.45 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है।

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