12वीं के बाद JEE और NEET के साथ बढ़ाएं अपनी स्किल IIT मद्रास और गूगल दे रहे हैं फ्री AI कोर्स

12वीं के बाद JEE और NEET के साथ बढ़ाएं अपनी स्किल IIT मद्रास और गूगल दे रहे हैं फ्री AI कोर्स

12वीं की बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद छात्र अक्सर अपने करियर को लेकर कशमकश में रहते हैं। बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों ने परिणाम घोषित कर दिए हैं, जबकि सीबीएसई और यूपी बोर्ड के नतीजे जल्द आने की उम्मीद है। वर्तमान में छात्र जेईई (JEE), नीट (NEET) और सीयूईटी (CUET) जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि, बदलते वैश्विक परिदृश्य में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं। इन स्किल्स के बिना किसी भी प्रोफेशनल डिग्री की अहमियत कम हो सकती है।

भविष्य की जरूरतों के लिए AI का महत्व

आने वाले समय में लगभग हर क्षेत्र में डेटा और एआई का बोलबाला होगा। कंपनियां अब ऐसे पेशेवरों की तलाश कर रही हैं जो तकनीक के साथ कदम मिलाकर चल सकें। अच्छी बात यह है कि छात्र अपनी स्नातक की पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ घर बैठे इन स्किल्स को मुफ्त में सीख सकते हैं।

IIT मद्रास के खास हिंदी कोर्स

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने हिंदी भाषी छात्रों की सुविधा के लिए छह नए एआई कोर्स शुरू किए हैं। ये कोर्स ‘स्वयं प्लस’ (SWAYAM Plus) प्लेटफॉर्म पर निःशुल्क उपलब्ध हैं:

  • एआई फॉर एजुकेटर: शिक्षकों के लिए शिक्षण के आधुनिक तरीके।
  • फिजिक्स और केमिस्ट्री में एआई: विज्ञान की जटिल समस्याओं को तकनीक से हल करना।
  • एकाउंटिंग में एआई: कॉमर्स के छात्रों के लिए ऑटोमेशन की जानकारी।
  • क्रिकेट एनालिसिस: डेटा के जरिए खेल का विश्लेषण।
  • पायथन के साथ AI/ML: प्रोग्रामिंग और मशीन लर्निंग की बुनियादी शिक्षा।

गूगल और हार्वर्ड के सर्टिफिकेट प्रोग्राम

तकनीकी दिग्गज गूगल ने सात प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स पेश किए हैं। इनमें एआई फंडामेंटल्स, कंटेंट क्रिएशन, डेटा एनालिसिस और रिसर्च जैसे विषय शामिल हैं। ये कोर्स छात्रों को व्यावहारिक कौशल सिखाने पर केंद्रित हैं।

दूसरी ओर, विश्व प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने डेटा साइंस के क्षेत्र में सात फ्री कोर्स उपलब्ध कराए हैं। इनमें डेटा विज़ुअलाइजेशन, प्रोबेबिलिटी और लीनियर रिग्रेशन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इन कोर्स के लिए छात्रों को प्रति सप्ताह केवल 1-2 घंटे देने की आवश्यकता होती है, जिससे उनकी मुख्य पढ़ाई पर भी असर नहीं पड़ता।

करियर पर संभावित प्रभाव

एआई और डेटा साइंस में दक्षता हासिल करने से छात्रों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। चाहे वह मेडिकल का क्षेत्र हो या इंजीनियरिंग का, तकनीक का सही इस्तेमाल करियर ग्राफ को तेजी से ऊपर ले जा सकता है। यह समय केवल परीक्षा परिणामों का इंतजार करने का नहीं, बल्कि खुद को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का है।

एक झलक

  • प्लेटफॉर्म: स्वयं प्लस, गूगल और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी।
  • कोर्स की फीस: पूरी तरह से मुफ्त।
  • फायदा: पढ़ाई के साथ स्किल डेवलपमेंट और सर्टिफिकेट।
  • मुख्य विषय: AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और पायथन।
  • योग्यता: 12वीं पास या स्नातक के छात्र।

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