बुजुर्गों के लिए महाराष्ट्र सरकार की बड़ी सौगात अब मुफ्त में कर सकेंगे देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ को नए और प्रभावी नियमों के साथ लागू करने का फैसला किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन बुजुर्गों को सहारा देना है जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी धार्मिक आस्था को पूरा करने और तीर्थ यात्रा पर जाने में असमर्थ हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में जून 2024 में शुरू हुई यह योजना अब और भी पारदर्शी और सुविधाजनक बना दी गई है।
योजना का विस्तार और आर्थिक सहायता
इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत देश के 73 प्रमुख तीर्थ स्थलों और महाराष्ट्र के 66 महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों को शामिल किया गया है। सरकार ने बुजुर्गों की सुविधा के लिए खर्च की सीमा भी निर्धारित की है।
- खर्च की सीमा: राज्य सरकार प्रति व्यक्ति अधिकतम 30,000 रुपये तक का खर्च वहन करेगी।
- कवर की जाने वाली सुविधाएं: इस राशि में यात्रा, आवास, भोजन और अन्य सभी आवश्यक खर्च शामिल होंगे।
- साझेदारी: यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाओं के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) और पंजीकृत पर्यटन कंपनियों के माध्यम से व्यवस्था की जाएगी।
पात्रता और चयन की शर्तें
योजना का लाभ केवल उन्हीं वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा जो निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना सभी धर्मों के बुजुर्गों के लिए समान रूप से उपलब्ध है।
- निवास और आयु: आवेदक का महाराष्ट्र का मूल निवासी होना अनिवार्य है और आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- स्वास्थ्य प्रमाण पत्र: यात्रा के लिए शारीरिक रूप से सक्षम होने का सरकारी डॉक्टर द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट आवश्यक है।
आवेदन और चयन की प्रक्रिया
इच्छुक नागरिक इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सरकारी पोर्टल, मोबाइल ऐप और सेतु सुविधा केंद्रों की मदद ली जा सकती है।
- आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो आवेदन के लिए जरूरी हैं।
- चयन पद्धति: लाभार्थियों का चयन जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा। यदि आवेदनों की संख्या निर्धारित कोटे से अधिक होती है, तो कंप्यूटर के माध्यम से लॉटरी निकाली जाएगी।
- प्रतीक्षा सूची: जिन आवेदकों का नाम पहली बार में नहीं आएगा, उन्हें प्रतीक्षा सूची में रखा जाएगा ताकि अगली यात्रा में उन्हें प्राथमिकता मिल सके।
महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
योजना के तहत यात्रा की मुख्य जिम्मेदारी सरकार की होगी, लेकिन कुछ नियम लाभार्थियों को ध्यान में रखने होंगे। यात्रियों को अपने खर्च पर निर्धारित प्रस्थान बिंदु (Starting Point) तक पहुंचना होगा। इसके अलावा, यात्रा के दौरान यदि कोई यात्री व्यक्तिगत रूप से अतिरिक्त सुविधाएं चाहता है, तो उसका खर्च उसे स्वयं उठाना होगा।
एक झलक
- योजना का नाम: मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना
- कुल तीर्थ स्थल: 139 (महाराष्ट्र के 66 और देश के 73)
- अधिकतम बजट: 30,000 रुपये प्रति व्यक्ति
- पात्रता: 60 वर्ष से अधिक आयु और 2.50 लाख से कम वार्षिक आय
- आवेदन माध्यम: ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप और सेतु केंद्र
- चयन प्रक्रिया: जिला स्तरीय समिति द्वारा लॉटरी सिस्टम से