देश में ऊर्जा संकट का डर खत्म सरकार ने कहा बिजली और रसोई गैस का है पर्याप्त स्टॉक

दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों के बीच भारत सरकार ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर देशवासियों को बड़ी राहत दी है। कोयला, पेट्रोलियम और विदेश मंत्रालयों की ओर से जारी संयुक्त जानकारी के अनुसार, देश में बिजली उत्पादन के लिए कोयले और रसोई गैस का इतना भंडार है कि किसी भी प्रकार की किल्लत की स्थिति पैदा नहीं होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
बिजली आपूर्ति के लिए 24 दिनों का कोयला बैकअप
भारत में बिजली की 70 प्रतिशत मांग आज भी कोयले से पूरी होती है। कोयला मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में देश के पास 55 मीट्रिक टन (MT) कोयले का विशाल भंडार सुरक्षित है। यह स्टॉक अगले 24 दिनों तक पूरे देश में बिना किसी बाधा के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त है। कोल इंडिया को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि राज्यों की जरूरत के अनुसार आवंटन में कोई देरी न हो, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित बिजली संकट को टाला जा सके।
घरेलू गैस की सुरक्षा और उद्योगों पर नए नियम
आम आदमी की रसोई पर वैश्विक युद्धों का असर न पड़े, इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत मार्च 2026 तक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कमर्शियल एलपीजी के कोटे में कटौती की गई है।
- औद्योगिक प्रतिबंध: फार्मा, कृषि, स्टील और टेक्सटाइल जैसे 16 महत्वपूर्ण क्षेत्रों को उनके औसत उपभोग का केवल 70 प्रतिशत गैस ही आवंटित किया जाएगा।
- कालाबाजारी पर प्रहार: सप्लाई चेन को दुरुस्त रखने के लिए देशभर में सघन छापेमारी की गई है। इस दौरान 56,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए और लापरवाही बरतने वाले 51 डिस्ट्रीब्यूटर्स को निलंबित कर दिया गया है।
वैश्विक तनाव और भारत का रुख
विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों को लेकर चल रही अफवाहों पर विराम लगा दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों के गुजरने के बदले ईरान को टोल देने जैसी कोई बातचीत नहीं हो रही है। भारत ने पश्चिम एशिया में युद्धविराम और शांति की अपील की है ताकि वैश्विक ऊर्जा नेटवर्क स्थिर रहे और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
एक झलक में
- कोयला भंडार: 55 मीट्रिक टन का स्टॉक मौजूद, जो 24 दिनों की बिजली के लिए पर्याप्त है।
- घरेलू एलपीजी: सप्लाई सामान्य रखने के लिए औद्योगिक कोटे में 30 प्रतिशत की कटौती।
- सख्त कार्रवाई: कालाबाजारी रोकने के लिए 51 गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स सस्पेंड।
- शांति की अपील: पश्चिम एशिया में युद्धविराम का स्वागत और नौवहन की स्वतंत्रता पर जोर।