केरल विधानसभा चुनाव 2026 में त्रिकोणीय मुकाबला और सत्ता की जंग

केरल की सभी 140 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होने जा रहा है। राज्य के भविष्य का फैसला करने के लिए 2.71 करोड़ मतदाता तैयार हैं, जो 883 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद करेंगे। इस बार का चुनाव न केवल सत्ता के समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एलडीएफ, यूडीएफ और उभरती हुई एनडीए के बीच एक कड़ी परीक्षा भी है।
मतदाताओं की संख्या और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चुनाव आयोग ने मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। राज्य भर में कुल 30,495 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से 76,000 पुलिस कर्मियों और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। इस चुनाव में महिला मतदाताओं की भूमिका निर्णायक हो सकती है, क्योंकि कुल मतदाताओं में 1.39 करोड़ महिलाएं और 1.32 करोड़ पुरुष हैं। साथ ही 273 ट्रांसजेंडर वोटर भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
तीन प्रमुख गठबंधनों के बीच कांटे की टक्कर
केरल की राजनीति परंपरागत रूप से एलडीएफ और यूडीएफ के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन इस बार एनडीए ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
- एलडीएफ (वाम मोर्चा): मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ अपने मजबूत कैडर बेस और ग्रामीण पकड़ के भरोसे है। हालांकि, एंटी-इन्कम्बेंसी और प्रशासनिक फैसलों पर विपक्ष के हमले इनके लिए चुनौती बने हुए हैं।
- यूडीएफ (कांग्रेस नीत): राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रचार के साथ यूडीएफ मुस्लिम और ईसाई समुदायों के अपने पारंपरिक वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रहा है। गुटबाजी इनके लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
- एनडीए (भाजपा नीत): प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के आक्रामक प्रचार ने एनडीए को एक मजबूत तीसरे विकल्प के रूप में पेश किया है। हिंदू वोट बैंक और सबरीमाला जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर भाजपा अपना वोट शेयर बढ़ाने की फिराक में है।
प्रमुख मुद्दे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
चुनाव प्रचार के दौरान भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों पर जमकर वार-पलटवार हुए। (CPI-M) ने वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के पुनर्वास कोष के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस को घेरा, तो वहीं कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विजयन पर तानाशाही का आरोप लगाया।
दूसरी ओर, भाजपा ने एलडीएफ और यूडीएफ दोनों पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाया है। एनडीए ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर सबरीमाला सोना चोरी मामले की सीबीआई जांच कराई जाएगी और दो साल के भीतर केरल में एम्स (AIIMS) अस्पताल शुरू किया जाएगा।
जमीनी समीकरण और सामाजिक प्रभाव
वोट बैंक के समीकरणों को देखें तो एलडीएफ पिछड़े वर्गों और मजदूरों पर केंद्रित है। यूडीएफ का आधार अल्पसंख्यक समुदायों में है, जबकि एनडीए का प्रभाव शहरी क्षेत्रों और हिंदू मतदाताओं के बीच बढ़ रहा है। कासरगोड, कन्नूर और पलक्कड़ जैसे जिलों में नए पोलिंग बूथों की स्थापना इस बात का संकेत है कि निर्वाचन आयोग अधिक मतदान प्रतिशत सुनिश्चित करना चाहता है।
एक झलक
- कुल सीटें: 140 विधानसभा सीटें
- मतदान तिथि: 9 अप्रैल 2026 (एक चरण)
- कुल मतदाता: 2.71 करोड़ (1.39 करोड़ महिलाएं, 1.32 करोड़ पुरुष)
- कुल उम्मीदवार: 883 प्रत्याशी
- पोलिंग बूथ: 30,495 केंद्र
- प्रमुख चेहरे: पिनराई विजयन (LDF), राहुल गांधी (UDF), नरेंद्र मोदी (NDA)