झारखंड के सारंडा जंगल में बड़ा हादसा आंधी तूफान ने ली कोबरा जवान की जान

पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगलों से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। नक्सलियों के खिलाफ जारी सर्च ऑपरेशन के दौरान प्रकृति का कहर सुरक्षा बलों पर भारी पड़ गया। मंगलवार देर रात आए भीषण आंधी-तूफान के कारण सीआरपीएफ कैंप में एक विशाल पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से कोबरा बटालियन के एक जांबाज जवान शहीद हो गए।
अभियान के दौरान कुदरत का कहर
चाईबासा के सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों के खात्मे के लिए सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। मंगलवार की रात बाबू डेरा कैंप में तैनात जवान अपनी ड्यूटी पर थे, तभी अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के बीच एक भारी-भरकम पेड़ उखड़कर कैंप पर गिर गया। इस आकस्मिक हादसे में कोबरा बटालियन के सिपाही राकेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।
बचाव कार्य और शहादत
हादसे के तुरंत बाद घायल जवान को प्राथमिक उपचार दिया गया। मौसम खराब होने के बावजूद अगले दिन सुबह उन्हें बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर के जरिए रांची एयरलिफ्ट किया गया। अस्पताल में डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बाद भी राकेश कुमार को बचाया नहीं जा सका और उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
शहीद जवान राकेश कुमार मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर (धमनी गांव) के रहने वाले थे। उनकी शहादत की खबर से उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। रांची स्थित सीआरपीएफ कैंप में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके गांव भेजा जाएगा।
सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण समय
सारंडा का यह इलाका न केवल भौगोलिक रूप से कठिन है, बल्कि यहां सुरक्षा बलों को दोहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ नक्सलियों का खतरा है, तो दूसरी तरफ अनिश्चित मौसम और प्राकृतिक आपदाएं।
- पिछली घटना: इस हादसे से महज 48 घंटे पहले 6 अप्रैल को इसी थाना क्षेत्र में एक आईईडी ब्लास्ट हुआ था।
- नुकसान: उस ब्लास्ट में कोबरा 205 बटालियन के जवान अनुज कुमार घायल हुए थे, जिनका वर्तमान में रांची में इलाज चल रहा है।
- प्रभाव: इन लगातार दो घटनाओं ने सुरक्षा बलों के अभियानों में आने वाली कठिनाइयों को उजागर किया है।
एक झलक
- शहीद जवान: राकेश कुमार (सीआरपीएफ कोबरा बटालियन)।
- निवासी: औरंगाबाद, बिहार।
- घटना स्थल: बाबू डेरा कैंप, सारंडा जंगल, झारखंड।
- कारण: तेज आंधी-तूफान के कारण विशाल पेड़ का गिरना।
- वर्तमान स्थिति: रांची में श्रद्धांजलि के बाद पार्थिव शरीर पैतृक गांव भेजा जाएगा।