महामुकाबला 2026! असम में हिमंता की साख दांव पर, केरल में लेफ्ट के वजूद की लड़ाई!

भारत के राजनीतिक मानचित्र पर आज का दिन बेहद अहम है। असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में आज नई सरकार चुनने के लिए मतदान हो रहा है। यह चुनाव न केवल क्षेत्रीय राजनीति बल्कि 2029 की राष्ट्रीय बिसात के लिए भी एक संकेत माना जा रहा है।

असम: क्या खिलेगा तीसरी बार कमल? उत्तर-पूर्व के सबसे बड़े राज्य असम की 126 सीटों पर आज 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला हो रहा है। करीब ढाई करोड़ मतदाता 31,490 पोलिंग बूथों पर अपना वोट डाल रहे हैं। मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से चुनावी मैदान में हैं। अगर वह जीतते हैं, तो यह उनकी लगातार सातवीं जीत होगी, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट से मैदान में हैं। दिलचस्प मुकाबला दिसपुर में है, जहां पांच दशक तक कांग्रेसी रहे प्रद्युत बोरदोलोई अब भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

केरल: इतिहास रचने की दहलीज पर पिनरई विजयन ‘गॉड्स ओन कंट्री’ यानी केरल की 140 सीटों पर आज कांटे की टक्कर है। यहां एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच मुख्य मुकाबला है। केरल के इतिहास में आज तक कोई भी पार्टी लगातार तीन बार सरकार नहीं बना पाई है, लेकिन मुख्यमंत्री पिनरई विजयन इस मिथक को तोड़ने के लिए तैयार हैं। हालांकि, ओपिनियन पोल्स कांग्रेस गठबंधन को थोड़ा आगे दिखा रहे हैं, लेकिन वामपंथियों की जमीनी पकड़ को कम नहीं आंका जा सकता। दूसरी ओर, भाजपा ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम जीतकर अपनी ताकत दिखाई है, और पीएम मोदी की रैलियों ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।

पुडुचेरी और बंगाल का इंतजार पुडुचेरी की 30 सीटों पर भी आज वोट डाले जा रहे हैं, जहां मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी की किस्मत का फैसला होना है। इसके ठीक दो हफ्ते बाद, 23 अप्रैल को तमिलनाडु की 243 सीटों और पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर पहले चरण का मतदान होगा। आज का मतदान यह तय करेगा कि क्या विकास का मॉडल व्यक्तिगत करिश्मे पर भारी पड़ेगा या जनता बदलाव की राह चुनेगी।

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